हैदराबाद । तेलंगाना के सीएम ए. रेवंत रेड्डी ने उत्तर की तर्ज पर “दक्षिणा काशी” बनाने का ऐलान किया है, जिसे मूसी नदी (Musi River) पुनरुद्धार परियोजना के तहत तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मांचिरेवुला में ओंकारेश्वर स्वामी और वीरभद्र स्वामी (Omkareshwara Swamy and Veerabhadra Swamy) मंदिरों के शिलान्यास के दौरान कहा कि यह ऐतिहासिक पहल 8 एकड़ क्षेत्र में लगभग 700 करोड़ रुपए की लागत से विकसित की जाएगी।
विपक्ष की बाधाओं के बावजूद मूसी परियोजना हर हाल में पूरी होगी
सीएम ने बताया कि यह क्षेत्र करीब 1400 साल पुरानी विरासत से जुड़ा हुआ है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की ओर से आने वाली बाधाओं के बावजूद मूसी परियोजना को हर हाल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कुछ नेताओं ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में केस दायर कर विकास कार्यों में रुकावट डालने की कोशिश की है और उनसे इसे वापस लेने की अपील की।

एक बड़ी मस्जिद और चर्च का भी निर्माण किया जाएगा
धार्मिक सौहार्द का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मूसी क्षेत्र के नागोले में एक बड़ी मस्जिद और चर्च का भी निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभ्यताओं का विकास नदियों के किनारे हुआ है, लेकिन उपेक्षा के कारण मूसी नदी और ईसा नदी आज प्रदूषण और कचरे के ढेर में बदल चुकी हैं। इस कारण खासकर नलगोंडा जिले के लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

हैदराबाद की ऐतिहासिक विरासत खत्म होने के कगार पर
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि हैदराबाद की ऐतिहासिक विरासत खत्म होने के कगार पर है और हमें बड़े शहरों की तरह प्रदूषण की समस्याओं से सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार गोदावरी नदी का पानी मोड़कर मूसी में लगातार जल प्रवाह सुनिश्चित करने की योजना बना रही है। अंत में उन्होंने कहा कि सरकार जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप आगे बढ़ रही है और जो नेता इस परियोजना का विरोध करेंगे, जनता उन्हें भविष्य में नकार देगी।
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