13 वर्षीय किम जू ऐ बनीं पिता किम जोंग उन की उत्तराधिकारी
सिओल: दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया(North Korea) के तानाशाह किम जोंग उन ने अपनी 13 वर्षीय बेटी, किम जू ऐ को औपचारिक रूप से अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है। एजेंसी के अनुसार, हाल के महीनों में जू ऐ की सार्वजनिक सक्रियता और आधिकारिक कार्यक्रमों में उनकी प्रमुखता इस बात का पुख्ता संकेत है। विशेष रूप से उनकी बीजिंग यात्रा, जहां उन्हें अपने पिता के साथ प्रोटोकॉल के अनुसार खड़ा देखा गया, ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें देश के अगले नेतृत्व के लिए तैयार किया जा रहा है।
सैन्य और राजनीतिक कार्यक्रमों में बढ़ती भूमिका
किम जू ऐ पहली बार 2022 में एक बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) लॉन्च के दौरान दुनिया के सामने आई थीं। तब से लेकर अब तक वे कोरियाई पीपुल्स आर्मी(North Korea) के स्थापना दिवस और कुमसुसान पैलेस जैसे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ साये की तरह नजर आई हैं। दक्षिण कोरियाई सांसदों का कहना है कि अब वे केवल ‘ट्रेनिंग’ के चरण में नहीं हैं, बल्कि उन्हें उत्तराधिकारी के रूप में नामित किया जा चुका है। यहाँ तक कि सरकारी नीतियों पर भी उनकी राय को महत्व दिए जाने के संकेत मिले हैं।
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गोपनीयता के बीच किम परिवार की नई पीढ़ी
किम जोंग उन अपने परिवार को हमेशा सार्वजनिक नजरों से दूर रखते आए हैं। किम जू ऐ के अलावा किम के दो और बच्चे बताए जाते हैं, जिनमें एक बड़ा बेटा भी शामिल है, लेकिन वे कभी सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे। जू ऐ फिलहाल घर पर ही शिक्षा प्राप्त(North Korea) कर रही हैं और उन्हें घुड़सवारी व स्कीइंग जैसे शौक हैं। जानकारों का मानना है कि जू ऐ को भविष्य के चेहरे के तौर पर पेश करना किम जोंग उन की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वे दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनके परिवार का शासन और परमाणु कार्यक्रम अगली पीढ़ी तक सुरक्षित रहेगा।
किम जू ऐ पहली बार सार्वजनिक रूप से कब और कहाँ दिखाई दी थीं?
उसने पहली बार साल 2022 में सार्वजनिक रूप से तब दिखाई दी थीं, जब वे अपने पिता किम जोंग उन के साथ एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के परीक्षण लॉन्च को देखने पहुंची थीं।
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी (NIS) के दावे का आधार क्या है?
NIS के दावे का मुख्य आधार जू ऐ की लगातार(North Korea) बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी, सैन्य कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी और हाल ही में हुई बीजिंग यात्रा है, जहाँ उन्हें उत्तर कोरिया के ‘नंबर 2’ नेता जैसा सम्मान और स्थान दिया गया।
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