PAK: भूकंप के 19 झटकों से पाकिस्तान दहशत में

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क्यों कांप रही कराची की जमीन?

कराची में रविवार शाम से अब तक कुल 19 हल्के भूकंप दर्ज किए गए हैं, जिससे शहर में चिंता का माहौल है । राष्ट्रीय सुनामी केंद्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 2.1 से 3.6 के बीच रही और यह किसी बड़े खतरे का संकेत नहीं है, बल्कि ज़मीन के अंदर दबाव का धीरे-धीरे निकलना है।

कराची. पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में बीते दो दिनों के दौरान ज़मीन बार-बार हिली है। रविवार शाम से अब तक 19 हल्के भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं, जिसने शहर के निवासियों में चिंता बढ़ा दी है. यह घटना कराची के इतिहास में पहली बार इतनी लगातार दर्ज की गई है. राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र के मुताबिक सबसे ज्यादा 11 झटके मलीर जिले में महसूस किए गए, जबकि बाकी झटके कायदाबाद, डीएचए और कोरंगी के आसपास के इलाकों में रिकॉर्ड किए गए. सबसे तेज झटके की तीव्रता 3.6 और सबसे हल्के की 2.1 रही।

क्यों कांप रही धरती?

पाकिस्तान मौसम विभाग के सिस्मिक मॉनिटरिंग सेंटर के मुताबिक, इन सभी झटकों का मुख्य कारण कराची के लांधी फॉल्ट लाइन का सक्रिय होना है. विभाग के मुख्य मौसम विज्ञानी आमिर हैदर ने बताया कि यह फॉल्ट लाइन दशकों बाद सक्रिय हुई है और इसमें से धीरे-धीरे ऊर्जा निकल रही है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है और इससे बड़ा भूकंप आने की संभावना कम है।

पाक में डर का माहौल

इन झटकों से घबराए लोग खुले इलाकों में तंबू लगाकर रहने लगे हैं. कई महिलाएं मस्जिदों में कुरान पढ़कर शहर की सलामती के लिए दुआ कर रही हैं. हालांकि कराची के आयुक्त सैयद हसन नकवी ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

राष्ट्रीय सुनामी केंद्र के प्रमुख अमीर हैदर लघारी ने बताया कि ये झटके किसी बड़ी आपदा का संकेत नहीं हैं, बल्कि ज़मीन के अंदर दबाव का धीरे-धीरे निकलना है. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया अगले दो दिन से लेकर एक हफ्ते तक जारी रह सकती है. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग भूकंप के दौरान शांत रहें, दीवारों से दूर रहें और खुले स्थानों में शरण लें. कराची में बड़े भूकंप की आशंका तो नहीं है, मगर इसकी कमज़ोर इमारतें किसी भी झटके को गंभीर बना सकती हैं।

कराची विश्वविद्यालय के भूविज्ञानी डॉ. अदनान खान ने भी साफ किया कि ये झटके छोटे और सामान्य प्रकृति के हैं. उन्होंने बताया कि कराची एक निष्क्रिय टेक्टोनिक सीमा पर है, जहाँ बड़ा भूकंप आने की संभावना बहुत कम होती है. हालांकि सोमवार रात कराची की मलीर जेल से 216 कैदी भूकंप के दौरान मची अफरा-तफरी में भाग निकले. इनमें से अब तक 78 कैदियों को पकड़ लिया गया है, बाकी की तलाश जारी है।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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