पाकिस्तान ने लगाया नया जासूसी दावा
इस्लामाबाद: इस्लामाबाद में पाकिस्तान(Pakistan) की शहबाज शरीफ(Shahbaz Sharif) सरकार ने भारत(India) की एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पाकिस्तान के दो मंत्रियों ने दावा किया कि भारत की खुफिया एजेंसी ने एक पाकिस्तानी मछुआरे को पैसे देकर जासूसी के लिए तैयार किया। इस आरोप के बाद दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल और बढ़ गया है।
भारतीय एजेंसी पर जासूसी का आरोप
पाकिस्तान(Pakistan) के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार और गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि भारतीय एजेंसी ने पाकिस्तानी मछुआरे एजाज मल्लाह को जासूसी करने के लिए पैसे की पेशकश की। उनके मुताबिक, भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद पाकिस्तान को निशाना बनाना जारी रखा है। तरार ने कहा कि नई दिल्ल ने पाकिस्तान के खिलाफ उसके ही नागरिकों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई और इसी के तहत मल्लाह को “खास मिशन” पर भेजा गया।
पाकिस्तानी(Pakistan) मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि एजाज मल्लाह को भारतीय अधिकारियों ने समुद्र में पकड़ा था और कुछ काम सौंपने के बाद वापस भेज दिया। उन्होंने कहा कि यह भारत का एक नया तरीका है जिससे वह पाकिस्तान के अंदरूनी हालात पर नजर रखना चाहता है।
मल्लाह ने किया आरोप स्वीकार
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को तब शक हुआ जब मल्लाह पाकिस्तानी सेना, नौसेना और रेंजर्स की वर्दी खरीदने की कोशिश कर रहा था। एजेंसियों ने उस पर निगरानी रखी और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मल्लाह ने आरोपों को स्वीकार कर लिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तरार ने मल्लाह का वीडियो दिखाया जिसमें वह स्वीकार कर रहा था कि भारतीय तटरक्षक बल ने उसे पैसे देकर कुछ वस्तुएं लाने का काम सौंपा था। इन वस्तुओं में पाकिस्तानी करेंसी नोट, सिगरेट, और वर्दी शामिल थे।
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95 हजार रुपए मिलने का दावा
मल्लाह ने बताया कि उसने भारतीय अधिकारियों को कुछ तस्वीरें भेजी थीं लेकिन दोबारा समुद्र में जाने पर पाकिस्तानी एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि यह भारत का नया प्रचार अभियान था, जिसका खुलासा हो गया है।
चौधरी ने यह भी दावा किया कि एजाज मल्लाह को सितंबर में भारतीय तटरक्षक बल ने पकड़ा था और सबूतों से पुष्टि होती है कि उसे 95,000 रुपए की राशि दी गई थी। दोनों मंत्रियों ने कहा कि पाकिस्तान की एजेंसियों ने इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है।
पाकिस्तान के दावे की विश्वसनीयता क्या है?
पाकिस्तान द्वारा पेश किए गए वीडियो और बयानों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। भारतीय पक्ष की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे इन आरोपों की सच्चाई पर सवाल उठ रहे हैं।
भारत की ओर से क्या जवाब आया?
अभी तक भारत सरकार ने पाकिस्तान के इन दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आरोप अक्सर दोनों देशों के बीच राजनीतिक दबाव बढ़ाने के लिए लगाए जाते हैं।
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