इस्लामाबाद,। पाकिस्तान हमास-इजराइल के बीच सीजफायर के बाद गाजा में सेना भेजने को तैयार है। इसकी पुष्टि पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार (Foriegn Minister Ishaq Dar) ने की। उन्होंने कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन के तहत गाजा में सुरक्षाबलों को तैनात करेगा, लेकिन पाक सैनिक हमास को हथियार डालने पर मजबूर नहीं करेंगे। हम वहां शांति के लिए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन के लिए पाकिस्तान की सहमति
डार का ये बयान अमेरिकी मध्यस्थता वाले गाजा शांति समझौते (Gaza Peace Accord) पर चर्चा के बीच आया है, जिसमें मुस्लिम बहुल देशों के सैनिकों से बने अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की स्थापना का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि गाजा में सेना भेजने का फैसला पीएम शाहबाज ने फील्ड मार्शल से परामर्श के बाद लिया।
UNSC आदेश के बिना नहीं भेजे जाएंगे सैनिक
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान (Pakistan) केवल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्पष्ट आदेश के तहत ही सेना भेजेगा और पाकिस्तानी सेना हमास को निरस्त्र करने में कोई भूमिका नहीं निभाएगी। उन्होंने जोर दिया कि पाकिस्तान किसी भी निरस्त्रीकरण अभियान का हिस्सा नहीं बनेगा। हमारा रोल सिर्फ शांति स्थापना का है।
भागीदारी ISF के जनादेश पर निर्भर करेगी
डार ने कहा कि पीएम शाहबाज शरीफ ने सिद्धांत रूप से पाकिस्तान की भागीदारी पर सहमति दे दी है, लेकिन यह आईएसएफ के जनादेश और कार्यक्षेत्र के स्पष्ट होने पर निर्भर करेगा। इंडोनेशिया पहले ही 20,000 सैनिक भेजने की पेशकश कर चुका है। पिछले महीने यह अटकलें थीं कि पाकिस्तान को हमास को निरस्त्र करने की भूमिका दी जा सकती है, जिससे राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था।
UNSC ने ट्रंप प्रस्ताव का समर्थन किया, हमास ने किया खारिज
दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पिछले हफ्ते गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव का समर्थन किया और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) की तैनाती को मंजूरी दी। पाकिस्तान समेत 13 देशों ने इसके पक्ष में वोट किया, जबकि रूस और चीन दूर रहे। हालांकि, हमास ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और ISF की तैनाती की निंदा की।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री कौन हैं?
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने शनिवार को कहा उनका देश गाजा में सैनिक भेजेगा।
पाकिस्तान का दूसरा नाम क्या है?
पाकिस्तान का दूसरा और आधिकारिक नाम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान है। 1947 में आज़ादी के बाद, शुरुआती 9 वर्षों तक इसका नाम डोमिनियन ऑफ पाकिस्तान था, जब तक कि 1956 में इसने अपना संविधान नहीं अपनाया और एक गणराज्य बन गया।
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