मुख्य बातें: –
- ईरान-इजरायल युद्ध के असर से दुनियाभर में ईंधन महंगा
- पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है
अमेरिका-इजरायल-ईरान संघर्ष से पैदा हुए वैश्विक तेल संकट के बीच पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) ने पेट्रोल और डीजल (Diesel) की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। वहीं भारत में लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के बाद हाल ही में मामूली बढ़ोतरी की गई है। दोनों देशों की ईंधन नीति को लेकर अब तुलना शुरू हो गई है
पाकिस्तान ने घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम
Pakistan सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर नई कीमत 409.78 रुपये प्रति लीटर तय की है। वहीं हाई-स्पीड डीजल अब 409.58 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। सरकार युद्ध शुरू होने के बाद से हर सप्ताह ईंधन कीमतों की समीक्षा कर रही है। इससे पहले बीते सप्ताह पेट्रोल में 14.92 रुपये और डीजल में 15 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
युद्ध के बाद तेजी से बढ़ी थीं कीमतें
6 मार्च को युद्ध शुरू होने के बाद पाकिस्तान में एक झटके में पेट्रोल और डीजल के दाम 55 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए गए थे। इसके बाद बढ़ते आर्थिक दबाव को देखते हुए सरकार को खर्चों में कटौती के विशेष कदम भी उठाने पड़े।
भारत में चार साल बाद बढ़े दाम
India में वैश्विक संकट के बावजूद लंबे समय तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखा गया। हाल ही में सरकारी तेल कंपनियों ने करीब चार साल बाद पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।इससे पहले मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। चुनावी अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल आने के बावजूद घरेलू कीमतों में बदलाव नहीं किया गया था।
तेल कंपनियों को उठाना पड़ा घाटा
रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियों ने चुनाव से पहले पेट्रोल पर 14 रुपये, डीजल पर 42 रुपये और एलपीजी पर 674 रुपये प्रति सिलेंडर तक का नुकसान उठाया था। इसके बावजूद सरकार ने आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला।
भारत में सबसे कम बढ़ी ईंधन कीमतें
जारी आंकड़ों के अनुसार वैश्विक तेल संकट के दौरान बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सबसे कम बढ़ोतरी हुई है।जहां म्यांमार में पेट्रोल 89.7 प्रतिशत और डीजल 112.7 प्रतिशत तक महंगा हुआ, वहीं मलेशिया, पाकिस्तान, यूएई और अमेरिका में भी 40 से 80 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ीं। इसके मुकाबले भारत में पेट्रोल केवल 3.2 प्रतिशत और डीजल 3.4 प्रतिशत महंगा हुआ है।
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सरकार ने बताया राहत देने वाला कदम
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद आम लोगों को राहत देने के लिए लंबे समय तक ईंधन कीमतों को नियंत्रित रखा गया। यही वजह है कि भारत में अन्य देशों की तुलना में महंगाई का असर अपेक्षाकृत कम देखने को मिला।
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