मुख्य बातें :-
- हत्या की साजिश घटना से लगभग एक महीने पहले की गई थी तैयार
- अब तक तीन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
- मुख्य मास्टरमाइंड की तलाश में कई राज्यों में जारी है छापेमारी
कोलकाता। (Suvendu Adhikari) के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में जांच तेज हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह वारदात एक सुनियोजित सुपारी किलिंग हो सकती है, जिसके लिए करीब 70 लाख रुपये तय किए गए थे।सूत्रों के मुताबिक हत्या की साजिश घटना से लगभग एक महीने पहले तैयार की गई थी और आरोपियों ने बातचीत के लिए कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप ‘सिग्नल’ का इस्तेमाल किया।
मास्टरमाइंड की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी
जांच एजेंसियों का मानना है कि पूरे ऑपरेशन को एक बड़े साजिशकर्ता द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था, जिसने हत्या की पूरी योजना तैयार की।अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य मास्टरमाइंड (Master Mind) की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी जारी है। हालांकि सीबीआई ने अभी तक आधिकारिक तौर पर जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
एसआईटी कर रही हाई-प्रोफाइल जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने डीआईजी स्तर के अधिकारी की निगरानी में सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।जांच टीम ने बारासात स्थित घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया, जहां डिजिटल मैपिंग और वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
पेशेवर शूटरों पर शक
गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी राज सिंह और बिहार के बक्सर से पकड़े गए मयंक मिश्रा व विक्की मौर्य शामिल हैं।जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या को पेशेवर शूटरों ने अंजाम दिया और इस पूरे नेटवर्क में कम से कम आठ लोगों की भूमिका हो सकती है।
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राजनीतिक साजिश या निजी दुश्मनी?
सीबीआई अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे कोई निजी रंजिश थी या फिर इसके तार किसी बड़े राजनीतिक षड्यंत्र से जुड़े हैं। अधिकारियों का मानना है कि मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद ही इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की असली वजह सामने आ सकेगी।
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