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Russia: रूस का अमेरिका पर बड़ा आरोप

Dhanarekha
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Russia: रूस का अमेरिका पर बड़ा आरोप

“भारत पर रूसी तेल न खरीदने का बनाया जा रहा दबाव”

मास्को: रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आरोप लगाया है कि अमेरिका जानबूझकर भारत और अन्य देशों पर रूस(Russia) से सस्ता तेल न खरीदने का दबाव बना रहा है। उनका कहना है कि अमेरिका वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Energy Supply) पर पूर्ण नियंत्रण चाहता है, ताकि दुनिया के देश विवश होकर रूस के विकल्प के रूप में महंगी अमेरिकी गैस खरीदें। लावरोव के अनुसार, अमेरिका डॉलर और प्रतिबंधों को एक ‘हथियार’ की तरह इस्तेमाल कर रहा है ताकि वह अपने प्रतिस्पर्धियों को वैश्विक बाजार से बाहर कर सके और अपनी आर्थिक दादागिरी कायम रख सके

BRICS की बढ़ती ताकत और पश्चिमी प्रतिरोध

लावरोव ने कहा कि अमेरिका न केवल भारत बल्कि पूरे BRICS समूह पर रूस से दूरी बनाने का दबाव डाल रहा है। उन्होंने(Russia) रेखांकित किया कि दुनिया अब बदल रही है-जहाँ एक तरफ अमेरिका की पकड़ कमजोर हो रही है, वहीं भारत, चीन और ब्राजील जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। रूस अब इन देशों के साथ मिलकर डॉलर के बजाय अपनी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करने और स्वतंत्र पेमेंट सिस्टम बनाने पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य किसी के खिलाफ जाना नहीं, बल्कि खुद को पश्चिमी देशों के एकतरफा आर्थिक दबाव से सुरक्षित रखना है।

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आतंकवाद और AI पर भारत के नेतृत्व की सराहना

भारत की BRICS अध्यक्षता की सराहना करते हुए लावरोव ने कहा कि भारत जिन मुद्दों (आतंकवाद, खाद्य सुरक्षा और AI) को उठा रहा है, वे आज की वैश्विक जरूरतें हैं। उन्होंने(Russia) जानकारी दी कि रूस फरवरी में भारत द्वारा आयोजित AI बैठक में शामिल होगा। रूस का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नियम ऐसे होने चाहिए जो किसी एक देश के नियंत्रण में न होकर सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करें। लावरोव ने स्पष्ट किया कि पश्चिमी देश संस्थानों (IMF, वर्ल्ड बैंक) में उभरती अर्थव्यवस्थाओं को उनका जायज हक देने का विरोध कर रहे हैं, जो अनुचित है।

रूस के अनुसार अमेरिका भारत पर दबाव क्यों डाल रहा है?

रूस(Russia) का मानना है कि अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदना बंद कर दे। इसके पीछे अमेरिका का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा बाजार को नियंत्रित करना है ताकि देश रूसी तेल के बजाय अमेरिका की महंगी गैस और ऊर्जा संसाधनों पर निर्भर हो जाएं।

रूस और BRICS देश पश्चिमी आर्थिक दबाव से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं?

रूस और BRICS देश मिलकर नए रास्ते तलाश रहे हैं, जिनमें डॉलर के बजाय अपनी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करना, स्वतंत्र पेमेंट सिस्टम विकसित करना और निवेश के नए तरीके खोजना शामिल है, ताकि वे प्रतिबंधों और एकतरफा दबाव से बच सकें।

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