తెలుగు | Epaper

PAK- पाक-अफगान सीमा पर आत्मघाती हमला, 5 बच्चों समेत 18 की मौत

Anuj Kumar
Anuj Kumar
PAK- पाक-अफगान सीमा पर आत्मघाती हमला, 5 बच्चों समेत 18 की मौत

पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा (Pakistan-Afghanistan border) से सटे उत्तरी वजीरिस्तान के मीरानशाह में शुक्रवार को एक भीषण आत्मघाती हमला हुआ। सेना के चेकपोस्ट को निशाना बनाकर किए गए इस धमाके में 5 बच्चों समेत 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार शाम करीब साढ़े चार बजे एक हमलावर मोटरसाइकिल पर भारी मात्रा में विस्फोटक लेकर मीरानशाह शहर के चश्मा पुल के पास स्थित पाकिस्तानी सेना (Pakistani Force) के चेकपोस्ट तक पहुंचा। उसने मोटरसाइकिल को सीधे चेकपोस्ट से टकरा दिया और खुद को उड़ा लिया।

बाजार के पास सेना के चेकपोस्ट को बनाया निशाना

धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के बाजार में मौजूद लोग भी इसकी चपेट में आ गए। विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई दुकानों को भी नुकसान पहुंचा।

5 बच्चों समेत 18 लोगों की मौत, कई घायल

स्थानीय प्रशासन के मुताबिक इस हमले में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल हैं। 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है। घायलों को तुरंत जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पाकिस्तानी सेना ने अभी तक सैनिकों के हताहत होने का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

आतंकी संगठन ने ली हमले की जिम्मेदारी

इस हमले की जिम्मेदारी उस्तुद उल खोरासन (USK) नामक आतंकी संगठन ने ली है। बताया जा रहा है कि यह संगठन हाफिज गुल बहादुर से जुड़े नेटवर्क के तहत काम करता है। गुल बहादुर का नाम पहले भी कई आतंकी गतिविधियों से जुड़ चुका है और उसका संबंध पाकिस्तान-अफगान सीमा क्षेत्र में सक्रिय कट्टरपंथी समूहों से रहा है।

अफगान जिहाद से जुड़ा रहा है गुल बहादुर

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार हाफिज गुल बहादुर ने शुरुआती दौर में अफगान जिहाद के समय प्रशिक्षण लिया था। बाद में वह विभिन्न संगठनों से जुड़कर आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने लगा। बताया जाता है कि उत्तरी वजीरिस्तान में वह एक मदरसा भी चलाता था, जहां से प्रशिक्षित लड़ाकों को अफगानिस्तान और कश्मीर जैसे क्षेत्रों में भेजे जाने के आरोप लगते रहे हैं।

अन्य पढ़े: मिडिल-ईस्ट संकट: भारत में CNG-PNG के दाम बढ़ने की आहट

टीटीपी से जुड़ने के बाद बढ़ी हिंसक गतिविधियां

विशेषज्ञों के मुताबिक लाल मस्जिद घटना के बाद जब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का गठन हुआ, तब गुल बहादुर भी उससे जुड़ गया। इसके बाद से पाकिस्तान के भीतर सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर कई हमलों में उसका नाम सामने आता रहा है।

Read More :

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870