6.1 तीव्रता से कांपी धरती, पड़ोसी देशों तक महसूस हुए झटके
ताइपे: ताइवान(Taiwan) के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बुधवार शाम करीब 5:47 बजे 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। केंद्रीय मौसम प्रशासन (CWA) के अनुसार, इसका केंद्र ताइतुंग काउंटी से करीब 10.1 किलोमीटर की दूरी पर था और इसकी गहराई जमीन से मात्र 11.9 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। भूकंप इतना जोरदार था कि इसके झटके न केवल पूरे द्वीप में, बल्कि पड़ोसी देशों जैसे चीन, फिलीपींस और जापान(Japan) के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। हालांकि, अभी तक किसी जान-माल के बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है।
दो टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित द्वीप
ताइवान(Taiwan) में बार-बार आने वाले भूकंपों का मुख्य कारण इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह द्वीप दो मुख्य टेक्टोनिक प्लेटों— यूरेशियन प्लेट और फिलीपींस सी प्लेट के संगम (जंक्शन) पर स्थित है। इन प्लेटों की निरंतर हलचल के कारण यह क्षेत्र दुनिया के सबसे सक्रिय सिस्मिक जोन (भूकंपीय क्षेत्र) में गिना जाता है। सेंट्रल वेदर एडमिनिस्ट्रेशन ने सावधानी बरतते हुए ताइपेई, काओशुंग और ताइचुंग जैसे प्रमुख शहरों में अलर्ट जारी किया है।
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पिछली तबाही और मौजूदा सुरक्षा स्थिति
ताइवान(Taiwan) में भूकंप का इतिहास काफी डरावना रहा है। पिछले साल अप्रैल 2024 में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 19 लोगों की जान गई थी। वहीं, 1999 के भीषण भूकंप में 2400 से अधिक लोग मारे गए थे। गनीमत यह रही कि इस बार की तीव्रता इतनी अधिक नहीं थी। दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी TSMC ने भी बयान जारी कर कहा है कि उनकी फैक्ट्रियों में कामकाज सामान्य है और कर्मचारियों को बाहर निकालने की नौबत नहीं आई।
ताइवान के हालिया भूकंप का केंद्र कहाँ था और इसकी गहराई कितनी मापी गई?
भूकंप का केंद्र ताइतुंग काउंटी हॉल से 10.1 किलोमीटर उत्तर में था और इसकी गहराई सतह से 11.9 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई थी।
ताइवान में बार-बार भूकंप आने का वैज्ञानिक कारण क्या है?
ताइवान(Taiwan) दो बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों (यूरेशियन और फिलीपींस सी प्लेट) के जंक्शन पर बसा हुआ है। इन प्लेटों के आपस में टकराने और हलचल के कारण यह क्षेत्र भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील है।
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