नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तनाव के बीच ईरान (IRAN) ने बड़ा सैन्य एक्शन लेते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार तड़के “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत हमलों की नई लहर शुरू की, जिसमें उन्नत मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
मिसाइल और ड्रोन से कई देशों में हमले
आईआरजीसी के अनुसार, इस ऑपरेशन में लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइलों के साथ-साथ घातक लोइटरिंग ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हमलों का दायरा इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात कतर, कुवैत और बहरीन तक फैला हुआ था।
तेल डिपो और सैन्य ठिकाने बने निशाना
हमले में अशदोद के स्टोरेज टैंक और तेल डिपो (Oil Depo) मोदियिन क्षेत्र में सैन्य ठिकाने और अमेरिकी सेना के सूचना केंद्र को निशाना बनाया गया। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कई अहम सैन्य ठिकानों पर भी प्रहार किया गया।
अमेरिकी एयरबेस और ठिकानों पर हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अल-धफरा और अल-उदेरी में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। साथ ही अली अल-सलेम एयर बेस पर मौजूद ट्रांसपोर्ट विमानों और ड्रोन के रखरखाव वाले हैंगरों पर भी हमला किया गया।
पैट्रियट मिसाइल सिस्टम भी बना लक्ष्य
हमलों के दौरान अमेरिकी पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। बहरीन में शेख ईसा एयर बेस पर मौजूद पैट्रियट मिसाइल सिस्टम के हैंगर और ईंधन टैंक को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
उन्नत हथियारों का किया गया इस्तेमाल
आईआरजीसी के बयान के अनुसार, इस हमले में ठोस और तरल ईंधन वाली मिसाइलों, सटीक-हमला करने वाली तकनीक, मल्टी-वॉरहेड सिस्टम और आत्मघाती ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। यह हमले ईरान की सैन्य क्षमता और रणनीतिक ताकत को दर्शाते हैं।
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