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Trump: ट्रम्प का दावा: अमेरिकी ‘सीक्रेट वेपन’ ने फेल किए रूस-चीन के डिफेंस सिस्टम

Dhanarekha
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Trump: ट्रम्प का दावा: अमेरिकी ‘सीक्रेट वेपन’ ने फेल किए रूस-चीन के डिफेंस सिस्टम

‘डिसकम्बोबुलेटर’ का खौफ: बिना गोली चले कब्जा

वाशिंगटन: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प(Trump) ने नॉर्थ कैरोलिना में सैनिकों को संबोधित करते हुए एक रहस्यमयी हथियार ‘डिसकम्बोबुलेटर’ (Discombobulator) का जिक्र किया। ट्रम्प के अनुसार, 3 जनवरी को वेनेजुएला में हुए ऑपरेशन के दौरान इस हथियार ने रूस और चीन द्वारा निर्मित अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह बेकार कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सैन्य कार्रवाई के दौरान वेनेजुएलाई सैनिकों को एक भी गोली चलाने का मौका नहीं मिला और भारी सुरक्षा के बीच राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया

सोनिक और डायरेक्टेड एनर्जी वेपन: अदृश्य हमला

ऑपरेशन के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों और वेनेजुएलाई गार्ड्स ने दावा किया कि हमला होते ही रडार सिस्टम ठप हो गए और आसमान ड्रोन्स से भर गया। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने ‘डायरेक्टेड एनर्जी वेपन’ (DEW) या ‘सोनिक वेपन’ का इस्तेमाल किया है। इन हथियारों(Trump) से निकलने वाली शक्तिशाली तरंगें या माइक्रोवेव इंसान के शरीर में तेज दर्द, नाक से खून बहना और अस्थायी पैरालिसिस पैदा कर सकती हैं। अमेरिकी सेना के पास पहले से ‘एक्टिव डिनायल सिस्टम’ (ADS) जैसी तकनीक है, जो अदृश्य तरंगों से त्वचा में असहनीय गर्मी पैदा करती है।

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किले जैसी सुरक्षा भी नाकाम: 150 विमानों का ऑपरेशन

अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार, इस मिशन में 150 से ज्यादा विमानों और बॉम्बर्स ने हिस्सा लिया। ऑपरेशन इतना सटीक(Trump) था कि कराकास में मादुरो के स्टील की दीवारों वाले ‘सेफ रूम’ तक अमेरिकी सैनिक पलक झपकते ही पहुँच गए। ट्रम्प ने इस मिशन की सफलता को ‘इतिहास और भविष्य का मिलन’ बताया है। जहाँ एक तरफ रूस और चीन इस विफलता के कारणों को तलाश रहे हैं, वहीं अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके पास ऐसी गुप्त तकनीक है जिसका मुकाबला करना फिलहाल किसी के बस में नहीं है।

ट्रम्प ने किस सीक्रेट हथियार का नाम लिया और उसका क्या प्रभाव रहा?

ट्रम्प ने इस हथियार को ‘डिसकम्बोबुलेटर’ कहा। उन्होंने दावा किया कि इस हथियार की वजह से वेनेजुएला में तैनात रूस और चीन के डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फेल हो गए और वहां के सैनिकों को जवाबी कार्रवाई का मौका ही नहीं मिला।

‘डायरेक्टेड एनर्जी वेपन’ (DEW) मानव शरीर पर कैसे असर डालते हैं?

ये हथियार लेजर या माइक्रोवेव जैसी ऊर्जा का इस्तेमाल करते हैं। इनके प्रभाव से व्यक्ति को तेज सिरदर्द, नाक से खून आना, उल्टियां और शरीर में तेज जलन महसूस हो सकती है, जिससे सैनिक लड़ने की स्थिति में नहीं रहते।

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