US Denmark talks : ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच बढ़ते तनाव के बीच अगले सप्ताह दोनों देशों के बीच अहम बातचीत होने जा रही है। डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने बताया कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बैठक का अनुरोध किया है।
ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्ज़फेल्ट ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस बैठक का उद्देश्य ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की कड़ी टिप्पणियों पर चर्चा करना और गलतफहमियों को दूर करना है। उनका कहना है कि अमेरिका की कुछ चिंताएं वास्तविक स्थिति को सही तरह से न समझने का नतीजा हैं।
Read also : Minister: नलगोंडा को प्रमुख पर्यटन केंद्र में बदलेगी सरकार- जूपल्ली
इस मुद्दे पर यूरोपीय नेताओं ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि ग्रीनलैंड और डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी तरह का दबाव स्वीकार्य नहीं होगा।
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने चेतावनी दी कि यदि (US Denmark talks) अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर हमला किया, तो यह नाटो गठबंधन के अंत की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी सुरक्षा व्यवस्था को इससे गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि आर्कटिक क्षेत्र में चीन और रूस से बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका के लिए ग्रीनलैंड पर नियंत्रण जरूरी है। हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी प्रशासन सैन्य कार्रवाई के बजाय ग्रीनलैंड को खरीदने के विकल्प पर विचार कर रहा है
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :