ट्रम्प ने 5 करोड़ बैरल तेल के साथ नियंत्रण की घोषणा की
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वेनेजुएला(Venezuela) की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल प्रतिबंधित तेल(Banned Oil) सौंपेंगी। इस तेल की अनुमानित कीमत करीब ₹25,000 करोड़ है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तेल की बिक्री से होने वाली पूरी कमाई पर ट्रम्प का नियंत्रण रहेगा। ट्रम्प ने ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट को आदेश दिया है कि इस तेल को जहाजों के जरिए सीधे अमेरिकी बंदरगाहों पर लाया जाए।
खस्ताहाल बुनियादी ढांचे में निवेश और पुनरुद्धार
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार होने के बावजूद, दशकों के कुप्रबंधन और खराब ढांचे के कारण उत्पादन ठप पड़ा था। ट्रम्प ने घोषणा की है कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला(Venezuela) के ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर का निवेश करेंगी। ट्रम्प का तर्क है कि वेनेजुएला एक “मरा हुआ देश” बन चुका था, जिसे अमेरिकी तकनीक और पूंजी के जरिए दोबारा खड़ा किया जाएगा। यह निवेश न केवल वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था(Economy) को गति देगा, बल्कि अमेरिका को एक प्रमुख तेल निर्यातक के रूप में भी स्थापित करेगा।
अन्य पढ़े: ईरान में सत्ता परिवर्तन की आहट
मादुरो का अंत और लोकतंत्र की बहाली का दावा
2 जनवरी को हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने वेनेजुएला(Venezuela) की सत्ता से निकोलस मादुरो को उखाड़ फेंका है। मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस फिलहाल न्यूयॉर्क के डिटेंशन सेंटर में हैं, जहाँ उन पर ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के गंभीर आरोप हैं। ट्रम्प इस कार्रवाई को “लोकतंत्र की बहाली” बता रहे हैं। हालांकि, वेनेजुएला के तेल उद्योगों के 1976 में हुए राष्ट्रीयकरण को ट्रम्प “अवैध” मानते हैं, जिसे वे अब अमेरिकी कंपनियों के हक में पलटने की तैयारी कर रहे हैं।
ट्रम्प प्रशासन वेनेजुएला के तेल उद्योग में अमेरिकी कंपनियों के प्रवेश को ऐतिहासिक रूप से कैसे सही ठहरा रहा है?
ट्रम्प का दावा है कि वेनेजुएला(Venezuela) ने 1976 में अमेरिकी कंपनियों (जैसे एक्सॉन और मोबिल) के अधिकारों को अवैध रूप से छीन लिया था। उनका मानना है कि चूंकि इन कंपनियों ने ही वहां का तेल उद्योग विकसित किया था, इसलिए अब अमेरिकी कंपनियों को वापस वहां निवेश करने और कंट्रोल पाने का पूरा हक है।
वेनेजुएला के तेल भंडार पर नियंत्रण का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर क्या असर हो सकता है?
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है। यदि अमेरिका वहां का उत्पादन बढ़ाने में सफल रहता है, तो वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ेगी। इससे कच्चे तेल की कीमतें गिर सकती हैं और ओपेक (OPEC) देशों का बाजार पर दबदबा कम हो सकता है, जिससे अमेरिका एक वैश्विक ऊर्जा महाशक्ति के रूप में उभरेगा।
अन्य पढ़े: