Persian Gulf attack : पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। पर्शियन गल्फ में एक बड़े कार्गो जहाज पर हुए हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह घटना कतर की राजधानी दोहा से लगभग 43 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में हुई। एक अज्ञात ड्रोन या मिसाइल के जहाज से टकराने के बाद उसमें भीषण आग लग गई। ब्रिटेन की यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने इस हमले की आधिकारिक पुष्टि की है। हमले के तुरंत बाद जहाज के कर्मचारियों ने हालात संभालते हुए आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि हमला किसने किया, इसे लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक और नागरिक जहाजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल अस्थायी युद्धविराम लागू है। ऐसे समय में यह हमला होना हालात को और गंभीर बना रहा है। पिछले कुछ दिनों से गल्फ क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
हाल ही में अमेरिका ने दो ईरानी तेल टैंकरों पर कार्रवाई की थी। अमेरिका का आरोप था कि ये जहाज प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहे थे। इसके बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी थी कि अगर उनके जहाजों को निशाना बनाया गया तो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया जाएगा।
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इसी चेतावनी के अगले दिन गल्फ में यह हमला होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों (Persian Gulf attack) का मानना है कि यदि हालात ऐसे ही बिगड़ते रहे तो अमेरिका और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव फिर शुरू हो सकता है। दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माने जाने वाले पर्शियन गल्फ क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक बाजारों को भी प्रभावित कर सकता है।
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