Mid-Day Meals : हजारों बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़, सफाई से नहीं बन रहा है मिड-डे-मिल

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मिड-डे-मिल
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हैदराबाद : बाल अधिकार आयोग (Child Rights Commission) ने ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र में मिड-डे-मिल (मध्याह्न भोजन) उपलब्ध कराने वाली संस्था माना ट्रस्ट (Mana Trust) , उप्पल, रमंतापुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई कमियां मिली।

970 से अधिक सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराता है माना ट्रस्ट

माना ट्रस्ट ग्रेटर हैदराबाद क्षेत्र के 970 से अधिक सरकारी स्कूलों में (मिड-डे-मिल) मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराता है। आयोग ने मुख्य रूप से भोजन तैयार करने की जगह, रसोई और उसके आसपास की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। आयोग ने यह भी जाँच की कि खाना पकाने के बर्तन कैसे धोए जा रहे हैं, चावल और सामान का भंडारण ठीक से हो रहा है या नहीं। आयोग ने यह भी जाँच की कि क्या दैनिक रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं।

बाल आयोग कई चीजों की बारीकी से जांच की

आयोग ने यह भी जाँच की कि बचे हुए खाने और बेकार खाने पर कैसे नज़र रखी जा रही है, कीट नियंत्रण कितनी बार किया जा रहा है, खाने का परिवहन कैसे किया जा रहा है और खाने के डिब्बों की सफाई कैसी है। आयोग ने वहाँ काम करने वाले कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी ली। खाने को कहाँ रखा जाता है और क्या खाने को वाहनों में भरते समय व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखा जा रहा है, इसका भी निरीक्षण किया गया।

जिन गोदामों में सामान रखा जाता है, वे साफ-सुथरे थे और सामान की गुणवत्ता भी अच्छी थी। यह भी जाँच की गई कि खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पानी शुद्ध था या नहीं, आरओ या बोरवेल का पानी इस्तेमाल किया जा रहा था या नहीं। यह भी जाँच की गई कि क्या ताज़ी सब्ज़ियाँ इस्तेमाल की जा रही थीं और क्या सब्ज़ियाँ मशीनों से काटी जा रही थीं

नाबालिग बच्चों से भी करवाया जा रहा था काम

ट्रस्ट का निरीक्षण करने वाले आयोग ने बताया कि भोजन के लिए पूरी तरह से स्वच्छ वातावरण नहीं था, उचित रिकॉर्ड नहीं रखे जा रहे थे और नाबालिग बच्चों से काम करवाया जा रहा था। आयोग ने बताया कि वह संबंधित अधिकारियों को बुलाकर इस बारे में बात करेगा। निरीक्षण करने वालों में बाल अधिकार आयोग के सदस्य वचन कुमार, वंदना गौड़, चंदना, अपर्णा, सरिता, प्रेमलता अग्रवाल आदि रहे।

Child Rights कानून क्या है?

बाल अधिकार कानून का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा करना है, ताकि उन्हें शोषण, भेदभाव, और उपेक्षा से बचाया जा सके।

बाल अधिकार संरक्षण आयोग के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?

NCPCR की वर्तमान अध्यक्ष प्रियंक कुमारी हैं।

Child Rights कब लागू हुआ था?

भारत में बाल अधिकार से संबंधित कानून बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के रूप में 2005 में लागू हुआ था।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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