Prisons Department : कैदियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना आवश्यक – डीजीपी

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हैदराबाद। तेलंगाना (Telangana) के डीजीपी बी. शिवधर रेड्डी ने कहा कि जेल विभाग का कार्य केवल कैदियों को बंद रखना नहीं, बल्कि उनमें सुधार लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करना भी है। बुधवार को चंचलगुड़ा स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन (SICA ) में दिल्ली जेल विभाग के कर्मचारियों के लिए नौ माह के प्रारंभिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए उन्होंने यह बात कही।

जेल प्रबंधन अत्यंत जटिल जिम्मेदारी

डीजीपी ने कहा कि जेल प्रबंधन अत्यंत जटिल जिम्मेदारी है और प्रशिक्षणार्थियों को पेशेवर कौशल, अनुशासन तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि निष्पक्ष व्यवहार और कैदियों के प्रति सम्मान की भावना से ही अपेक्षित सुधार संभव है। कार्यक्रम में जेल विभाग की महानिदेशक डॉ. सौम्या मिश्रा ने कहा कि अंतरराज्यीय सहयोग से सुधारात्मक व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली जेल विभाग द्वारा बड़ी संख्या में कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए भेजना सिका पर विश्वास का प्रतीक है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत कुल 381 कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पहले बैच में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट और महिला वार्डर शामिल

पहले बैच में 62 प्रशिक्षु शामिल हैं, जिनमें असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट और महिला वार्डर शामिल हैं। प्रशिक्षण में क्रिमिनोलॉजी, साइकोलॉजी, मानवाधिकार और जेल प्रशासन में तकनीक से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को आवश्यक किट भी वितरित की गई। कार्यक्रम में आईजी एन. मुरली बाबू, डीआईजी डॉ. डी. श्रीनिवास, एम. संपत, सिका प्राचार्य एस. श्रीनिवास रेड्डी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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