पटना। बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के जरिए 45,000 नए शिक्षकों की नियुक्ति का ऐलान किया है। इसके साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों के विद्यालयों के लिए 7,000 विशेष शिक्षकों की भी बहाली की जाएगी।
विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान घोषणा
राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार (Education Minister Sunil Kumar) ने वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा विभाग के 60,204.60 करोड़ रुपये के बजट पर चर्चा के समापन के दौरान यह घोषणा की। सदन ने विभागीय बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया, हालांकि विपक्ष ने असंतोष जताते हुए वॉकआउट किया। मंत्री ने कहा कि सरकार ने आगामी महीनों में TRE-4 के माध्यम से 45,000 शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय लिया है।
TRE के पिछले चरणों का रिकॉर्ड
मंत्री के अनुसार:
- TRE-1 में 1.70 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति
- TRE-2 में 70,000 से ज्यादा पद भरे गए
- TRE-3 में 66,603 पदों पर बहाली
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक Bihar Public Service Commission (BPSC) के माध्यम से कुल 2.58 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। साथ ही स्थानीय निकायों द्वारा नियुक्त 3.68 लाख शिक्षकों का नियमितीकरण भी किया गया है।
हर प्रखंड में मॉडल स्कूल की योजना
सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक मॉडल स्कूल खोलने का फैसला लिया है। इसके लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं पुराने विद्यालयों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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विपक्ष का हमला
चर्चा के दौरान चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधारभूत संरचना सुधार में विफल रही है। उन्होंने शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और धन के समुचित उपयोग न होने का भी आरोप लगाया। हालांकि सरकार का दावा है कि बड़े पैमाने पर नियुक्तियों और बुनियादी ढांचे के विकास से राज्य की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा।
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