इंडोनेशिया: 2029 तक 20 लाख Cattle आयात योजना

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इंडोनेशियाई डेयरी किसानों की चिंता: 2029 तक 20 लाख Cattle के आयात की योजना से मचा हड़कंप

इंडोनेशियाई सरकार ने 2029 तक 20 लाख Cattle के आयात की योजना बनाई है, जिससे देश में दूध और मांस की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। हालांकि यह योजना राष्ट्रीय पोषण और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लाई गई है, लेकिन इससे स्थानीय डेयरी किसानों में गहरी चिंता देखी जा रही है।

योजना का उद्देश्य क्या है?

यह आयात योजना राष्ट्रपति प्रबावो सुबियांतो की Free Nutrition Food (MBG)” योजना का हिस्सा है, जिसके तहत 80 मिलियन लोगों (छात्रों, गर्भवती महिलाओं आदि) को दूध और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

  • इस योजना को सफल बनाने के लिए सालाना 85 लाख टन दूध की अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी।
  • इसलिए सरकार ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों से Cattle का आयात करेगी।
इंडोनेशिया: 2029 तक 20 लाख Cattle आयात योजना

स्थानीय किसानों की चिंता क्यों?

इंडोनेशिया में फिलहाल करीब 6 लाख डेयरी मवेशी हैं, जो कि सालाना 9 लाख लीटर दूध का उत्पादन करते हैं। देश की कुल मांग 44 लाख लीटर है, यानी उत्पादन की भारी कमी है। इसके बावजूद किसान कहते हैं:

“अगर सरकार 20 लाख नए मवेशी लाएगी, तो स्थानीय किसानों का दूध कौन खरीदेगा? हमारी आय और ज़मीन दोनों पर असर पड़ेगा।”
गोसीम रोमानसिया, किसान, पूर्वी जावा

प्रमुख चिंताएं:

  • चारे और जमीन की कमी
  • सरकारी समर्थन की कमी
  • स्थानीय दुग्ध उत्पादों की खपत में गिरावट
  • आयात से बीमारी फैलने का खतरा

पर्यावरणीय और स्वास्थ्य जोखिम

विशेषज्ञों के अनुसार इतनी बड़ी संख्या में मवेशी लाने से पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ेगा:

  • गोबर और चारे के कारण मीथेन गैस उत्सर्जन बढ़ेगा
  • नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें वातावरण को प्रदूषित करेंगी
  • भूमि क्षरण और ग्रीनहाउस प्रभाव में वृद्धि हो सकती है

साथ ही, पशु रोग जैसे फुट एंड माउथ डिजीज (FMD) और लंपी स्किन डिजीज (LSD) के प्रसार का भी खतरा है। इसलिए सरकार ने 14 दिन का क्वारंटीन नियम लागू किया है।

सरकार का पक्ष

सरकार कहती है कि:

  • यह कदम देश को दूध और मांस के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में है।
  • 2025 में 2.5 लाख Cattle इंडोनेशिया सरकार की 2029 तक 20 लाख मवेशियों की आयात योजना से स्थानीय डेयरी किसानों में चिंता, पर्यावरणीय और आर्थिक असर की आशंका। का पहला बैच लाया जाएगा।
  • लगभग 141 निजी कंपनियां इस आयात प्रक्रिया में भाग लेंगी।
  • राष्ट्रीय दुग्ध उत्पादन तेज करने” के लिए एक राष्ट्रपति नियमन भी तैयार किया जा रहा है।

समाधान और संभावनाएं

  • स्थानीय किसानों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देने की बात की जा रही है।
  • सरकार कच्चे दूध की खरीद सुनिश्चित करने और कृषि तकनीक में सुधार लाने की दिशा में काम कर रही है।
  • अगर स्थानीय किसानों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाज़ार तक पहुंच दी जाए, तो आयात के साथ-साथ घरेलू उत्पादन भी मज़बूत किया जा सकता है।

निष्कर्ष

इंडोनेशिया की 2029 तक 20 लाख मवेशियों के आयात की योजना, भले ही राष्ट्रीय पोषण योजना के तहत लाई जा रही हो, लेकिन स्थानीय डेयरी किसानों, पर्यावरण और कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चुनौती बनती दिख रही है।

सरकार को चाहिए कि वह स्थानीय उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में संतुलित नीति अपनाए।

digital@vaartha.com

लेखक परिचय

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