Mount Everest : एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराने का सपना साकार करेंगे आदिवासी युवा मोती कुमार

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एवरेस्ट की चोटी
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हैदराबाद। तेलंगाना के आदिवासी युवक मोती कुमार (Moti Kumar) एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराने का सपना साकार करेंगे। तेलंगाना के भद्राचलम एकीकृत जनजातीय विकास अभिकरण (ITDA) के इतिहास में एक अनोखा और प्रेरणादायक अध्याय जुड़ गया है। एक आदिवासी युवक ने अपनी साहसिक उपलब्धि के माध्यम से न केवल अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया, बल्कि एक ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी के प्रति अपनी गहरी आस्था भी व्यक्त की।

माउंट किलिमंजारो और माउंट एल्ब्रस पर भी प्राप्त कर चुके है विजय

खम्मम जिले के पेनुबल्ली मंडल के वी.एम. बंजार गांव निवासी बी. मोती कुमार ने हाल ही में माउंट एवरेस्ट बेस कैंप (5,364 मीटर) तक सफलतापूर्वक चढ़ाई पूरी की। इससे पहले वह माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) और माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर) पर भी विजय प्राप्त कर चुके हैं। अब उनका लक्ष्य विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करना है। इस साहसिक यात्रा के दौरान मोती कुमार ने बर्फीली वादियों से एक वीडियो संदेश जारी किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

अपने संदेश में उन्होंने आईएएस अधिकारी व आईटीडीए के प्रोजेक्ट ऑफिसर बी. राहुल के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए उनके प्रयास प्रेरणादायक हैं। इसी सम्मान के प्रतीक के रूप में वह राहुल के नाम का बैनर एवरेस्ट बेस कैंप तक लेकर पहुंचे। स्थानीय लोगों के अनुसार, किसी सरकारी अधिकारी के प्रति इस प्रकार का समर्पण और सम्मान विरल ही देखने को मिलता है। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि पारदर्शी और जनहितकारी प्रशासन किस प्रकार लोगों के दिलों में गहरी छाप छोड़ता है। बी. मोती कुमार ने अरूणाचंल प्रदेश से प्रशिक्षण लिया है।

बी. राहुल के नेतृत्व में भद्राचलम आईटीडीए क्षेत्र में विकास की नई लहर आई

पिछले दो वर्षों में बी. राहुल के नेतृत्व में भद्राचलम आईटीडीए क्षेत्र में विकास की नई लहर आई है। उन्होंने आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए आधुनिक संग्रहालय की स्थापना कराई, ‘भद्रागिरी मार्ट’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार किए। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए आदिवासी संयुक्त कार्य समिति (जेएसी) ने उन्हें ‘आदिवासी विकास रत्न’ सम्मान से भी नवाजा है। मोती कुमार ने अपने आगामी एवरेस्ट अभियान के लिए समाजसेवियों और दानदाताओं से आर्थिक सहयोग की अपील की है। उनका कहना है कि यदि उन्हें पर्याप्त समर्थन मिला, तो वह जल्द ही एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराने का सपना साकार करेंगे।

राष्ट्रीय ध्वज फहराना मेरे लिए अत्यंत गर्व की बात

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण और मार्ग-दर्शन आईटीडीए के परियोजना अधिकारी बी. राहुल की का हमेशा सहयोग मिला है। यह कहानी न केवल साहस और संकल्प की मिसाल है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सच्ची सेवा और समर्पण लोगों के दिलों में किस तरह अमिट छाप छोड़ते हैं। ‘स्वतंत्र वार्ता’ से फोन पर हुई बातचीत के दौरान मोती कुमार ने अपनी यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी यात्रा 18 अप्रैल को शुरू हुई थी और 4 मई को पूरी होगी। उन्होंने कहा कि वह 5 मई तक भारत लौट आएंगे। वर्तमान में वह नेपाल में हैं और उनकी अगली फ्लाइट निर्धारित है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी एवरेस्ट बेस कैंप की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है और राष्ट्रीय ध्वज फहराना उनके लिए अत्यंत गर्व की बात है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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