बिहार सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 1 लाख 14 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को अप्रैल से बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (Biometric Attendence System) से जोड़ा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केंद्र समय पर संचालित हों और सेविका-सहायिका अपनी उपस्थिति डिजिटल रूप में दर्ज करें।
34% केंद्र समय पर नहीं खुलते, सरकार सख्त
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, राज्य में 34 प्रतिशत से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र समय पर नहीं खुलते, जिसकी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसी को देखते हुए बायोमैट्रिक सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है।
मोबाइल ऐप से अटेंडेंस, रिमाइंडर भी मिलेगा
नई व्यवस्था में सेविका-सहायिका को विशेष मोबाइल ऐप (Mobile App) के जरिए अटेंडेंस दर्ज करनी होगी। यदि समय पर बायोमैट्रिक अटेंडेंस नहीं होगी, तो ऐप के जरिए रिमाइंडर भेजा जाएगा।
एलएस और सीडीपीओ को रोजाना रिपोर्ट
अंतरिम व्यवस्था के तहत एलएस (Lady Supervisor) हर दिन किसी एक आंगनबाड़ी केंद्र पर जाकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्र खुलने की पुष्टि करेंगे। इसकी रिपोर्ट सीडीपीओ को भेजना अनिवार्य होगी।
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आंगनबाड़ी केंद्रों का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान
सरकार ने केंद्रों की भौतिक स्थिति सुधारने का भी बड़ा फैसला लिया है। पटना जिले के आंगनबाड़ी केंद्र अब पक्के और आधुनिक भवनों में संचालित होंगे। नाबार्ड के सहयोग से शुरू होने वाली इस योजना के तहत बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिलेगा। पहले चरण में जिले के सात प्रमुख अंचल चुने गए हैं।
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