बेंगलुरु : कर्नाटक में Karnataka एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां नदी में सीपियां (शंख/सीप) इकट्ठा करने के दौरान 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। नदी में गया समूह, अचानक हुआ हादसा- गहराई और तेज बहाव बना कारण जानकारी के मुताबिक, लोग नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए थे, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव का अंदाजा नहीं लग सका। इसी दौरान कई लोग बह गए।
उत्तर कन्नड़ जिले में थट्टेहक्कलु नदी में सीपियां (Seashells) निकालने गए 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई. 14 लोगों नदी में सीपियां निकालने गए थे. प्रशासन की टीम अभी भी नदीं में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ (Karnataka) जिले में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया. भटकल क्षेत्र के थट्टेहक्कलु नदी में सीपियां निकालने गए एक ही परिवार के कई लोग अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए. इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं कई लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
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जानकारी Karnataka के अनुसार भटकल के शिराली क्षेत्र के शारदाहोल गांव से 14 लोगों का एक समूह शनिवार सुबह नदी में सीपियां निकालने गया था. समूह में 12 महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे. बताया जा रहा है कि सुबह करीब 11 बजे नदी किनारे सीपियां इकट्ठा करते समय अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और लोग तेज बहाव की चपेट में आ गए और कई लोग बह गए।
नदी से बरामद किए गए 11 शव
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे. अब तक 11 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें करीब 2 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं. मृतकों की पहचान लक्ष्मी मदेवा नाइक, लक्ष्मी शिवराम नाइक, मालती जट्टप्पा नाइक, मस्तम्मा मंजूनाथ नाइक, लक्ष्मी अन्नप्पा नाइक, ज्योति नाइक और उमेश मंजूनाथ नाइक समेत अन्य के रूप में हुई है. सभी मृतक एक ही परिवार और पड़ोस से जुड़े बताए जा रहे हैं।
4 लोगों का चल रहा इलाज
नदी में डूबे करीब चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. प्रशासन की टीम अभी भी नदीं में सर्च ऑपरेशन चला रही है. इस दर्दनाक घटना के बाद शारदाहोल गांव में मातम छाया हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी में अचानक पानी बढ़ने की वजह से लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला. प्रशासन ने लोगों से बारिश के मौसम में नदी और जलाशयों में नहीं जाने की अपील की है।
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