पटना । बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के दूसरे चरण में 43 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। साथ ही करीब 32 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 48 फीसदी उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक या उससे अधिक है।
415 उम्मीदवारों पर आपराधिक केस, 193 पर हत्या का आरोप
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे चरण में 415 (32 फीसदी) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें 341 (26 फीसदी) उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- 193 उम्मीदवारों पर हत्या के आरोप
- 79 पर हत्या की कोशिश
- 52 पर महिलाओं के खिलाफ अपराध
- 3 ने दुष्कर्म के मामले स्वीकारे
एडीआर ने किए 1297 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने दूसरे चरण के 1302 में से 1297 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण किया। ये उम्मीदवार 20 जिलों की 122 सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें 10 फीसदी (133) महिलाएं शामिल हैं।
किस पार्टी के कितने प्रत्याशी गंभीर मामलों में आरोपी?
गंभीर आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों का दलवार विवरण इस प्रकार है:
- जनसुराज पार्टी: 117 में से 51 (44%)
- बसपा: 91 में से 12 (13%)
- राजद: 70 में से 27 (39%)
- भाजपा: 53 में से 22 (42%)
- जदयू: 44 में से 11 (25%)
- कांग्रेस: 37 में से 20 (54%)
- लोजपा (रामविलास): 15 में से 9 (60%)
- सीपीआई (माले): 6 में से 4 (76%)
- सीपीआई: 4 में से 2 (50%)
- सीपीएम: 1 में 1 (100%)
उम्मीदवारों की उम्र और शिक्षा का गणित
- आयु 25 से 40 वर्ष: 445 उम्मीदवार (34%)
- आयु 41 से 60 वर्ष: 680 उम्मीदवार (52%)
- आयु 61 से 80 वर्ष: 170 उम्मीदवार (13%)
- 80 वर्ष से अधिक: 2 उम्मीदवार
- शिक्षित उम्मीदवार (ग्रेजुएट व उससे ऊपर): 48%
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