पटना,। अक्सर देखा जाता है कि लोगों की शिकायतें महीनों तक लंबित रहती हैं, जिससे असंतोष बढ़ता है और प्रशासन पर भरोसा कम होता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए बिहार सरकार (Bihar Government) ने अब शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए नई और सख्त व्यवस्था लागू की है।
72 घंटे में कार्रवाई अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी शिकायत पर संबंधित विभाग को 72 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू करना अनिवार्य होगा। इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे लंबित मामलों में कमी आएगी।
निगरानी के लिए विशेष पोर्टल
इस पहल के तहत मुख्य सचिव कार्यालय में एक विशेष पोर्टल तैयार किया गया है, जो शिकायतों की निगरानी का केंद्रीय माध्यम बनेगा। इस पोर्टल (Portal) पर शिकायत दर्ज होने से लेकर कार्रवाई की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
सरकार का उद्देश्य है कि लोगों की समस्याएं लंबे समय तक लंबित न रहें और उन्हें समय पर राहत मिले। इससे अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतकर्ता को भी अपने मामले की स्थिति की लगातार जानकारी मिलती रहेगी।
नितीश कुमार के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री नितीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हर सोमवार और शुक्रवार को आम जनता की शिकायतें सुनने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
जिलों तक लागू होगी सख्ती
मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों और जिलों को निर्देश दिया है कि शिकायतों की नियमित समीक्षा करें और तय समयसीमा में उनका निपटारा सुनिश्चित करें। साथ ही, इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजना भी अनिवार्य होगा, जिससे पूरे राज्य में एक समान व्यवस्था लागू हो सके।
शिकायत दर्ज करना होगा आसान
राज्य सरकार ने शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को भी सरल बनाने पर जोर दिया है। अब लोग सीधे मुख्य सचिव कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी अपनी समस्या रख सकते हैं। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी होगी, जो डिजिटल माध्यमों का उपयोग नहीं कर पाते।
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पुराने मामलों पर भी नजर
नई व्यवस्था के तहत विभागों को यह बताना अनिवार्य होगा कि संबंधित शिकायत पहले भी दर्ज हुई थी या नहीं। यदि हुई थी, तो उस पर क्या कार्रवाई की गई, इसका पूरा विवरण देना होगा। इससे एक ही समस्या को बार-बार नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
समाधान की उम्मीद
कुल मिलाकर, इस नई व्यवस्था के लागू होने से राज्य में शिकायतों के निपटारे में तेजी आने और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
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