Andhra Pradesh students abroad : भारत के अन्य राज्यों की तुलना में आंध्र प्रदेश के छात्र विदेश में पढ़ाई के लिए सबसे ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं, यह खुलासा NITI Aayog की ताजा रिपोर्ट में हुआ है। ‘इंटरनेशनलाइजेशन ऑफ हायर एजुकेशन इन इंडिया’ रिपोर्ट के अनुसार, विदेशों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों में आंध्र प्रदेश के छात्र शीर्ष स्थान पर हैं।
रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016 में विदेशों में पढ़ने वाले आंध्र प्रदेश के छात्रों की संख्या 46,818 थी, जो 2018 में बढ़कर 62,771 हो गई। कोविड महामारी के दौरान 2020 में यह संख्या घटकर 35,614 रह गई, लेकिन इसके बावजूद आंध्र प्रदेश देश में पहले स्थान पर बना हुआ है।
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आंध्र प्रदेश के बाद पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, (Andhra Pradesh students abroad) दिल्ली, कर्नाटक, केरल और उत्तर प्रदेश का स्थान है। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 तक कुल 13.35 लाख भारतीय छात्र विदेशों में अध्ययन कर रहे हैं। इनमें से करीब 8.5 लाख छात्र अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पढ़ाई कर रहे हैं। 2016 से 2024 के बीच विदेश जाने वाले छात्रों की संख्या में 8.84 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है।
नीति आयोग ने बताया कि विदेशी शिक्षा पर भारतीय छात्र हर साल लगभग ₹6.2 लाख करोड़ खर्च कर रहे हैं, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 2 प्रतिशत है। यह खर्च भारत के ट्रेड डेफिसिट का करीब 75 प्रतिशत तक कारण बन रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विदेश से भारत में पढ़ने आने वाले हर एक छात्र के मुकाबले 28 भारतीय छात्र विदेश चले जाते हैं।
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