April fools day history : हर साल 1 अप्रैल को दुनिया भर में “अप्रैल फूल डे” मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ मजाक करते हैं और छोटे-छोटे प्रैंक करके हंसी-मजाक का माहौल बनाते हैं। 2026 में यह दिन बुधवार को आया है। इस दिन की खास बात यह है कि किसी को मजाक में बेवकूफ बनाने के बाद “अप्रैल फूल” कहा जाता है। यह दिन पूरी तरह हंसी और मजाक के लिए जाना जाता है।
कैलेंडर बदलाव से जुड़ी कहानी
इतिहासकारों के अनुसार अप्रैल फूल डे की शुरुआत कैलेंडर बदलाव से जुड़ी है। पहले जूलियन कैलेंडर के अनुसार नया साल मार्च के अंत या 1 अप्रैल के आसपास मनाया जाता था। बाद में पोप ग्रेगरी तेरहवें ने ग्रेगोरियन कैलेंडर लागू किया और नया साल 1 जनवरी से मनाने का फैसला किया। लेकिन उस समय जानकारी का प्रसार उतना तेज नहीं था, इसलिए कई लोगों को इस बदलाव के बारे में पता नहीं चला। जो लोग पुराने तरीके से 1 अप्रैल को नया साल मनाते रहे, उन्हें दूसरों ने मजाक में “अप्रैल फूल” कहना शुरू कर दिया।
प्राचीन रोमन परंपरा
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि यह परंपरा प्राचीन रोमन त्योहार “हिलारिया” से जुड़ी हुई है। यह त्योहार 25 मार्च को मनाया जाता था। इस दिन लोग भेष बदलकर एक-दूसरे के साथ मजाक करते थे और खुशियां मनाते थे। धीरे-धीरे यही परंपरा आगे चलकर अप्रैल फूल डे के रूप में लोकप्रिय हो गई।
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आज के समय में अप्रैल फूल डे
आज के समय में यह दिन दुनिया भर में मजाक और मनोरंजन के साथ (April fools day history) मनाया जाता है। कई टीवी चैनल, अखबार और सोशल मीडिया भी इस दिन मजाकिया खबरें प्रकाशित करते हैं। हालांकि इस दिन मजाक करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी की भावनाएं आहत न हों। सीमाओं के भीतर रहकर किया गया मजाक ही सही मायने में इस दिन की असली भावना को दर्शाता है। अप्रैल फूल डे लोगों के जीवन में खुशी और हंसी लाने का एक खास दिन माना जाता है।
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