मुंबई । वर्ष 2006 के चर्चित मालेगांव ब्लास्ट (Malegaon Blast) मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने वाले आदेश को रद्द कर दिया, जिससे इन पर चल रहा मुकदमा पूरी तरह समाप्त हो गया।
हाईकोर्ट का अहम फैसला
मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और जस्टिस श्याम चांदक की डिवीजन बेंच (Division Bench) ने आरोपियों की अपीलों पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया। इन अपीलों में सितंबर 2025 में विशेष अदालत द्वारा तय किए गए आरोपों को चुनौती दी गई थी।
चार आरोपियों को मिली राहत
हाईकोर्ट के इस फैसले से राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवारिया और लोकेश शर्मा को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने इनके खिलाफ सभी आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई समाप्त कर दी।
देरी से दायर अपील को भी मिली मंजूरी
अदालत ने अपील दाखिल करने में हुई 49 दिनों की देरी को भी माफ कर दिया। बेंच ने माना कि यह अपील एनआईए अधिनियम की धारा 21 के तहत वैधानिक है, इसलिए इसे स्वीकार करना उचित है।
2006 धमाकों में 37 लोगों की हुई थी मौत
गौरतलब है कि 8 सितंबर 2006 को मालेगांव में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 37 लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।
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जांच एजेंसियों ने संभाली थी जिम्मेदारी
शुरुआत में मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस ने की थी और 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में जांच सीबीआई को सौंपी गई और फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में लेकर संशोधित चार्जशीट दाखिल की थी।
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