BPRD Hackathon: भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और साइबरपीस फाउंडेशन के सहयोग से देश में स्वदेशी और सुरक्षित CCTV समाधान विकसित करने के लक्ष्य से एक राष्ट्रीय हैकाथॉन की आरंभ की है।
यह हैकाथॉन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साइबर-सुरक्षित भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
हैकाथॉन का उद्देश्य और प्राथमिक लक्ष्य
इस राष्ट्रीय तकनीकी प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सुरक्षित, स्केलेबल और लागत प्रभावी CCTV समाधान विकसित करना है। BPR&D ने इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को इस पहल से जोड़कर उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षण और सार्वजनिक सेवा में योगदान देने का मंच प्रदान किया है।

चार प्रमुख तकनीकी चुनौती क्षेत्रों की ऐलान
इस हैकाथॉन में चार प्रमुख समस्या बिंदुओं पर नवाचार आमंत्रित किए गए हैं:
- स्वदेशी CCTV हार्डवेयर और सिस्टम का विकास
- AI और स्मार्ट वीडियो एनालिटिक्स का समावेश
- CCTV नेटवर्क में साइबर रक्षा को सुदृढ़ बनाना
- किफायती और कुशल निगरानी समाधान डिजाइन करना
इन समस्याओं का समाधान निगरानी तकनीक, डेटा सुरक्षा और नियामक अनुपालन में प्रगति को बढ़ावा देगा।
ग्रैंड फिनाले और पुरस्कार
हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले जून 2025 के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। इसमें शीर्ष तीन प्रविष्टियों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे:
- प्रथम पुरस्कार: ₹5 लाख
- द्वितीय पुरस्कार: ₹3 लाख
- तृतीय पुरस्कार: ₹1 लाख
साथ ही पांच अन्य उत्कृष्ट प्रविष्टियों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।
साइबरपीस फाउंडेशन और NCRB की भूमिका
BPRD Hackathon: साइबरपीस फाउंडेशन इस हैकाथॉन को तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है और NCRB इसके आयोजन में सक्रिय सहयोगी है। यह हैकाथॉन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हिन्दुस्तान को एक संरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम कानून व्यवस्था की ओर ले जाने वाला कदम है।