पटना। छठ महापर्व का तीसरा दिन आज 27 अक्टूबर 2025 को पूरे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सहित देशभर में श्रद्धा और आस्था के माहौल में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। राजधानी पटना समेत सभी जिलों में गंगा घाटों (Ganga Ghat) पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। महिलाएं पारंपरिक व्रत धारण कर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर रही हैं।
आस्था का महापर्व छठ का तीसरा दिन
चार दिवसीय छठ महापर्व के तीसरे दिन यानी संध्या अर्घ्य का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर व्रती सूर्यदेव को डूबते समय अर्घ्य देकर संतान की दीर्घायु, परिवार की खुशहाली और समाज की समृद्धि की कामना करते हैं। गंगा घाटों, तालाबों और नदियों के किनारे भक्तों की भीड़ से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
अनीकट और सोन नदी घाट पर उमड़ा जनसैलाब
देहरी के अनीकट घाट, सोन नदी घाट, काली मंदिर घाट और आसपास के छोटे घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। शाम होते ही पूरा इलाका दीपों की रौशनी और छठ गीतों की गूंज से आलोकित हो उठा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सूप-दौरा में प्रसाद लेकर जल में खड़ी होकर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर रही थीं।

घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
पटना के कदमकुआं घाट, दानापुर घाट (Danapur Ghat) कुर्जी घाट, एनआईटी घाट और गाइ घाट पर हजारों श्रद्धालु जुटे हैं। महिलाएं पारंपरिक परिधान में सूप और दौरा में ठेकुआ, कसार, केला, नारियल और अन्य प्रसाद लेकर जल में खड़ी होकर सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित कर रही हैं। भक्ति गीतों और छठ मैया के भजनों से पूरा माहौल गुंजायमान है।
प्रशासन ने की चाक-चौबंद व्यवस्था
छठ पर्व को लेकर पटना प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें घाटों पर तैनात हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। सफाई व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है।
सूर्यास्त का समय
आज 27 अक्टूबर 2025 को सूर्यास्त का समय शाम 5 बजकर 23 मिनट पर रहेगा। इसी समय व्रती जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे। इसके साथ ही पूजा-अर्चना का तीसरा दिन पूर्ण होगा।
कल होगा उदीयमान सूर्य को अर्घ्य
कल, यानी 28 अक्टूबर 2025 को व्रती सुबह-सुबह उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। इसके साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन होगा। व्रतियों द्वारा प्रसाद वितरण के साथ घाटों पर आस्था का यह अद्भुत पर्व पूर्ण श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न किया जाएगा।
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