नई दिल्ली। चीन और पाकिस्तान पूरे साउथ एशिया क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नई रणनीति अपनाए हुए हैं।हाल के दिनों में चीन और पाकिस्तान (Pakistan) मिलकर बांग्लादेश को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान ने एक प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य दक्षिण एशियाई देशों के बीच गठबंधन को नया रूप देना और भारत के दबदबे को चुनौती देना है।
बांग्लादेश का झुकाव चीन-पाक की ओर
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाकडार (Foriegn Minster Ishq Dar) ने कहा कि पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश के बीच त्रिपक्षीय पहल शुरू हो चुकी है। इस समीकरण में अब अन्य दक्षिण एशियाई देश भी शामिल हो सकते हैं।
सार्क का नया स्वरूप
सार्क, जो दक्षिण एशियाई देशों की मल्टीलटरल संस्था है और लगभग 10 साल से इनैक्टिव थी, अब चीन-पाक गठजोड़ के जरिए नया रूप ले रही है। बांग्लादेश का झुकाव पाकिस्तान और चीन की ओर बढ़ा है। नेपाल, भूटान और श्रीलंका पर भी चीन की बढ़ती छाया दिखाई दे रही है।
भारत की काउंटर पॉलिसी की जरूरत
साउथ एशिया में जियोपॉलिटिकल तस्वीर तेजी से बदल रही है। भारत को पड़ोस देशों पर ध्यान देकर ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति पर काम करना होगा। चीन और पाकिस्तान (China and Pakistan) भारत के खिलाफ रणनीतिक साजिशें रचने में सक्रिय हैं।
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