लखनऊ,। राजधानी में सोमवार को कांग्रेस के विधानसभा घेराव के दौरान सियासी माहौल गरमा गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।
विधानसभा घेराव के दौरान हंगामा
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और विधायक आराधना मिश्रा (Aradhna Mishra) समेत सैकड़ों कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए गए बैरिकेड्स पर चढ़ गए। करीब एक घंटे तक धक्का-मुक्की, नारेबाजी और तनावपूर्ण हालात बने रहे।
भारी पुलिस बल, RAF-PAC की तैनाती
स्थिति को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (Rapid Action Force) और पीएसी के 500 से अधिक जवान मौके पर तैनात किए गए। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने बैरिकेड्स पर चढ़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को नीचे उतारा और बसों में भरकर ईको गार्डन भेज दिया। इस दौरान बैरिकेड से उतरते वक्त अजय राय का पैर फिसल गया, हालांकि पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाल लिया।
मनरेगा समेत कई मुद्दों पर प्रदर्शन
अजय राय ने मनरेगा, शंकराचार्य और माता अहिल्याबाई होल्कर (Ahilyabai Holkar) से जुड़े मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव का आह्वान किया था। बजट सत्र को देखते हुए प्रशासन पहले से अलर्ट था। कांग्रेस कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।
सांसद और कार्यकर्ता हाउस अरेस्ट
बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया समेत प्रदेशभर के 300 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किया गया। ये सभी लखनऊ पहुंचने के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया।
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रायबरेली-हरदोई में भी कार्रवाई
रायबरेली में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी की पुलिस अधिकारियों से नोंकझोंक हुई। वहीं हरदोई में रेलवे स्टेशन पर कांग्रेस के आठ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा।
इन घटनाओं के बाद प्रदेश की राजनीति और गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि बजट सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
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