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BRS में गहराया संकट: के. कविता की निलंबन के बाद KTR से तनातनी बढ़ी

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BRS में गहराया संकट: के. कविता की निलंबन के बाद KTR से तनातनी बढ़ी

हैदराबाद, 3 सितंबर 2025 भारत राष्ट्र समिति (BRS) में आंतरिक कलह चरम पर पहुंच गई है, जब पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने अपनी बेटी और विधान परिषद सदस्य (MLC) के. कविता को “पार्टी विरोधी गतिविधियों” के लिए निलंबित कर दिया। यह निलंबन कविता के अपने भाई और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (KTR) पर तीखे हमलों और पार्टी के अन्य नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद हुआ

क्या थी दरार की शुरुआत?

सूत्रों के अनुसार, कविता और KTR के बीच तनाव पिछले कुछ वर्षों से बढ़ रहा था, जो 2024 में दिल्ली शराब घोटाले में कविता की गिरफ्तारी के बाद और गहरा गया। कविता ने आरोप लगाया था कि जेल में रहते हुए उन्हें पार्टी से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला, खासकर KTR के नेतृत्व वाली सोशल मीडिया टीम से। मई 2025 में, कविता की KCR को लिखी एक निजी चिट्ठी के लीक होने ने विवाद को और हवा दी, जिसमें उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं पर बीजेपी के साथ विलय की साजिश का आरोप लगाया था।

कविता ने हाल ही में अपने चचेरे भाई टी. हरीश राव और जे. संतोष कुमार पर कालेश्वरम परियोजना में अनियमितताओं का आरोप लगाकर KCR की छवि खराब करने का दावा किया। उन्होंने KTR पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा, यह कहते हुए कि पार्टी केवल “ट्विटर पर चल रही है” और जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा।

निलंबन और प्रतिक्रियाएँ

2 सितंबर 2025 को, बीआरएस ने आधिकारिक बयान जारी कर कविता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पार्टी ने कहा, “कविता की हालिया गतिविधियाँ और बयान पार्टी के हितों को नुकसान पहुँचा रहे हैं।” इस कदम के बाद, कविता के समर्थकों ने तेलंगाना जागृति कार्यालय में प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने हरीश राव और अन्य नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।

कविता ने निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैंने हमेशा तेलंगाना और बीआरएस के लिए काम किया है। अगर सच बोलना पार्टी विरोधी है, तो मैं इससे नहीं डरूँगी।” उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि वह जल्द ही अपनी भविष्य की रणनीति पर फैसला ले सकती हैं, जिसमें नई पार्टी बनाने की संभावना भी शामिल है।

कविता की राह नहीं आसान

बीआरएस से अलग होने के बाद कविता अब क्या करेंगी? सूत्रों की मानें तो कविता अपने संगठन तेलंगाना जागृति को ज्यादा मजबूत और राजनीतिक रूप से सक्रिय कर सकती हैं. अब सबकी निगाहें बुधवार (3 सितंबर) पर टिकी हैं, जब कविता मीडिया के सामने आकर अपने आगे की रणनीति का खुलासा कर सकती हैं.

राज्य की राजनीति पर क्या असर?

अब जबकि कविता को पिता केसीआर ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है, ऐसे में बीआरएस के वफादार कार्यकर्ता चिंतित हैं. उनका मानना है कि KCR परिवार सत्ता खोने के बाद संगठित होकर लड़ने के बजाय बिखर रहा है. इसका असर पार्टी पर भी पड़ने की संभावना है.

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