अक्टूबर में इस दिन से होगी शुरुआत
महाराष्ट्र के नासिक में 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. हालांकि कुंभ मेले की मेजबानी करने वाले नासिक जिले का प्रभारी मंत्री कौन होगा इसको लेकर संशय बरकरार है. राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस बारे में जानकारी नहीं दी है कि प्रभारी मंत्री कौन होगा।
महाराष्ट्र के नासिक में 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. हालांकि कुंभ मेले की मेजबानी करने वाले नासिक जिले का प्रभारी मंत्री कौन होगा इसको लेकर संशय बरकरार है. राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस बारे में जानकारी नहीं दी है कि प्रभारी मंत्री कौन होगा. सीएम ने संकेत दिया है कि इस पद के लिए महायुति के तीन सहयोगियों के बीच मतभेद अब भी अनसुलझे हैं।
रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें देशभर से आए साधु-संत और प्रमुख अधिकारी शामिल हुए. बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने बताया ‘कुंभ मंत्री गिरीश महाजन (बीजेपी), मंत्रियों दादा भुसे (शिवसेना), छगन भुजबल और नरहरि जिरवाल (दोनों राकांपा) के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. अगर जरूरत पड़ी तो हम भी वहां मौजूद होंगे. ‘ उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री की अनुपस्थिति से प्रशासनिक कार्य प्रभावित नहीं हुआ है।
‘कुंभ मेला एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व है’
संभावित जिला प्रभारी मंत्री के चयन के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में सीएम फडणवीस ने कहा, ‘प्रभारी मंत्री आते-जाते रहते हैं. चिंता मत कीजिए और इस मुद्दे में राजनीति नहीं करिए. यह (कुंभ मेला) एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व है. सीएम ने कहा कि इस मुद्दे पर किसी तरह की कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति पर रोक
दरअसल इस साल की शुरुआत में नासिक और रायगढ़ जिलों के प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई थी, क्योंकि इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ महायुति में खींचतान चल रही थी. महायुति में बीजेपी, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी शामिल हैं. राज्य सरकार ने 18 जनवरी को जिला प्रभारी मंत्रियों की सूची की घोषणा की थी, जिसमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की अदिति तटकरे को रायगढ़ और बीजेपी नेता गिरीश महाजन को नासिक की जिम्मेदारी दी गई।
हालांकि इससे असंतोष पैदा होने की खबरों के बीच सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 जनवरी को एक आदेश जारी कर इन दोनों नियुक्तियों पर रोक लगा दी. महाजन और भुसे ने क्रमशः फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकारों के तहत नासिक जिले के प्रभारी मंत्री के रूप में कार्य किया था।
बैठक में कुंभ को लेकर रूपरेखा तय की गई
इस बीच रविवार को रविवार को हुई बैठक में कुंभ को लेकर रूपरेखा तय की गई. सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि “त्र्यंबकेश्वर, नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले 2027 की पूर्व तैयारी बैठक में अमृत स्नान और प्रमुख पर्वों की तारीख निश्चित कर ली गई है. हमारी गोदावरी मां की निर्मल धारा अविरल बहती रहे, इस दृष्टि से कई योजना बनाई गई है. इस हेतु इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हमने 4000 करोड़ रुपये के कार्यों की शुरुआत के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं, जबकि लगभग 2000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं’।
इनमें विधायक सीमा हिरे, पुलिस महानिरीक्षक दत्तात्रेय कराले, नासिक जिला कलेक्टर जलज शर्मा, मनपा आयुक्त मनीषा खत्री, पुलिस अधीक्षक (नासिक ग्रामीण) बालासाहेब पाटिल, जिला परिषद की अतिरिक्त सीईओ प्रतिभा संगमनेरे, निफाड़ उप-विभागीय अधिकारी डॉ. शशिकांत मंगरुल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य मिरखेलकर और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. भारती पवार शामिल थे।
बैठक के दौरान की घोषणा
मुख्यमंत्री का यह दौरा आगामी कुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा करने और स्थानीय प्रशासनिक और धार्मिक नेताओं से बातचीत करने के उनके कार्यक्रम का हिस्सा है। आगामी नासिक कुंभ मेले की तिथियों की आधिकारिक घोषणा रविवार 1 जून को नासिक जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान की गई।
बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की जो धार्मिक महापर्व की तैयारियों का जायजा लेने के लिए नासिक आए थे। सिंहस्थ कुंभ मेले की योजना पर केंद्रित उच्च स्तरीय बैठक में प्रमुख धार्मिक नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सभी 13 अखाड़ों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों (दो-दो) के साथ-साथ वरिष्ठ सरकारी और जिला अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया।
शाही स्नान की तारीखों का होगा ऐलान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को कुंभ मेले से जुड़े कार्यक्रम और अनुष्ठानों, विशेष रूप से पवित्र शाही स्नान (शाही स्नान) की तिथियों के बारे में जानकारी दी गई, जिसे अमृत स्नान भी कहा जाता है। ये स्नान अनुष्ठान कुंभ मेले के सबसे महत्वपूर्ण आयोजन हैं, जिनमें देश भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। नासिक और त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेले के दो प्रमुख स्थान दोनों के लिए शाही स्नान की तिथियों को अंतिम रूप दे दिया गया है और जल्द ही आधिकारिक तौर पर जनता के लिए विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।
सरकार से उम्मीद है कि वह पवित्र आयोजन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, स्वच्छता और परिवहन सुविधाओं सहित बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू करेगी। हर 12 साल में आयोजित होने वाला नासिक कुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समारोहों में से एक है और यह घोषणा 2027 के संस्करण के लिए गहन योजना चरण की शुरुआत का प्रतीक है।
नासिक कुंभ मेला अमृत स्नान :
कुंभ पर्व की शुरुआत 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ होगी।
पहला अमृत स्नान – 2 अगस्त 2027
दूसरा अमृत स्नान – 31 अगस्त 2027
तीसरा अमृत स्नान – 11 सितंबर 2027
त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला अमृत स्नान तिथियां :
कुंभ पर्व की शुरुआत 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ होगी।
पहला अमृत स्नान – 2 अगस्त 2027
दूसरा अमृत स्नान – 31 अगस्त 2027
तीसरा अमृत स्नान – 12 सितंबर 2027
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