दिल्ली में मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की उलझन को लेकर दिल्ली गवर्नमेंट ने कमर कस ली है। राजधानी में अब एक 24×7 मॉनिटरिंग कंट्रोल सेंटर मुस्तैद किया गया है, जहां से पूरे सिटी में जलभराव की स्थिति पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी।
दिल्ली जलभराव: सभी विभाग एक प्लेटफॉर्म पर
राजधानी के प्रजा को राहत देने के लिए एनडीएमसी, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी, डीडीए, फ्लड कंट्रोल विभाग और जल बोर्ड के सभी अफसर एक ही कमांड सेंटर में साथ बैठेंगे। इससे समन्वय में तेजी आएगी और उपालंभ का समाधान भी शीघ्र होगा।
अब केवल एक कॉल से होगा समाधान
मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि आम जनता को अब यह जानने की आवश्यकता नहीं होगी कि उनकी समस्या किस विभाग से संबंधित है। नागरिक एक साझा हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत प्रविष्ट करा सकते हैं। कंट्रोल सेंटर शिकायत को शीघ्र संबंधित विभाग को फॉरवर्ड करेगा और निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
पंपिंग स्टेशनों को जोड़ा गया ऑटोमेशन से
जलभराव की दशा से निपटने के लिए अब पंपिंग स्टेशनों को ऑटोमेटेड सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। यानी बारिश होते ही जल निकासी की प्रक्रिया खुद-ब-खुद प्रारंभ हो जाएगी। यह तकनीकी व्यवस्था मानसून के वक़्त में तेज़ रिस्पॉन्स और कुशल जल प्रबंधन सुनिश्चित करेगी।
हर परिस्थिति की रियल टाइम निगरानी
कंट्रोल सेंटर 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय रहेगा। यहां सीसीटीवी कैमरे, रिमोट सेंसिंग और फील्ड प्रतिवेदन से हर हालत पर नजर रखी जाएगी। इससे कोई भी कठिनाई बड़ी बनने से पहले ही संयमित की जा सकेगी।
नागरिकों को राहत और पारदर्शिता
यह प्रणाली न सिर्फ़ मुसीबतें के त्वरित समाधान में सहायक होगी, बल्कि प्रजा को विभागों के चक्कर काटने से भी बचाएगी। गवर्नमेंट की यह पहल जलभराव से निपटने में एक बड़ा और धनात्मक बदलाव ला सकती है।