नई दिल्ली ।सुप्रीम कोर्ट ने भले ही दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन फटाखों को केवल सीमित समय में फोड़ने की अनुमति दी थी, लेकिन राजधानी में दीवाली की रात लोगों का उत्साह इस सीमा से काफी आगे निकल गया। परिणामस्वरूप, दिल्ली की हवा बेहद खराब (Very Poor) से गंभीर (Severe) श्रेणी में पहुंच गई। सोमवार और मंगलवार को शहर के कई इलाकों में घनी धुंध (Smog) की चादर छा गई और सांस लेना तक मुश्किल हो गया।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश, लेकिन नियमों की उड़ाई धज्जियां
सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन फटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी थी।
नियम के अनुसार, सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही फटाखे फोड़े जा सकते थे।
लेकिन, हकीकत में दीवाली की रात आधी रात से भी आगे तक पटाखों की आवाज गूंजती रही, जिससे हवा और अधिक जहरीली हो गई।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं होने से प्रदूषण नियंत्रण की तमाम कोशिशें बेकार साबित हुईं। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम जैसे क्षेत्रों में फटाखों की आवाज और धुआं देर रात तक छाया रहा।
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, दिल्ली के 38 में से 36 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों (Air Quality Monitoring Stations) ने “रेड जोन” में प्रदूषण दर्ज किया।
इसका अर्थ है कि हवा ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच चुकी है।
मंगलवार सुबह 6 बजे तक दिल्ली का औसत एक्यूआई (AQI) 347 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।
कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार चला गया।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू हुआ GRAP का दूसरा चरण
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए रविवार को ग्रैप (Graded Response Action Plan) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया।
इस चरण के तहत दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल जेनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध, और सड़क पर पानी का छिड़काव जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फटाखों पर नियंत्रण नहीं रखा गया तो ये सभी उपाय अल्पकालिक राहत ही दे पाएंगे।
कहां कितना एक्यूआई दर्ज हुआ (सुबह 6 बजे तक)
| क्षेत्र | AQI स्तर |
|---|---|
| ग्रेटर नोएडा | 288 |
| गाजियाबाद | 326 |
| गुरुग्राम | 338 |
| वजीरपुर | 408 |
| बवाना | 418 |
| जहांगीरपुरी | 404 |
| आया नगर | 349 |
| आईटीओ | 345 |
| आनंद विहार | 352 |
| चांदनी चौक | 347 |
| नोएडा | 324 |
विशेषज्ञों की चेतावनी : सांस संबंधी बीमारियां बढ़ेंगी
डॉक्टरों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता और भी खराब हो सकती है। सांस, अस्थमा, और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने कहा कि सुबह की सैर और बाहरी गतिविधियों से फिलहाल बचना चाहिए क्योंकि हवा में PM 2.5 और PM 10 कणों की मात्रा खतरनाक स्तर पर है।
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