Breaking News: Delhi Riots: दिल्ली दंगा: सत्ता परिवर्तन की साजिश

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Delhi Riots
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पुलिस का सुप्रीम कोर्ट में 177 पन्नों का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने 177 पन्नों के हलफनामे में चौंकाने वाला दावा किया है कि फरवरी 2020 के दिल्ली दंगे(Delhi Riots) देश में सत्ता परिवर्तन की एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। जाँच में मिले गवाहों के बयान, दस्तावेज़ और तकनीकी सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि यह हिंसा सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और कर्नाटक(Karnataka) सहित देशभर के राज्यों में हिंसा फैलाना था। यह हलफनामा उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे आरोपियों की जमानत याचिकाओं के जवाब में दाखिल किया गया है

न्याय प्रक्रिया में देरी और झूठी याचिकाओं का आरोप

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में पेश होते हुए यह भी आरोप लगाया कि दंगे(Delhi Riots) के आरोपी बार-बार झूठी याचिकाएं दाखिल कर रहे हैं, जिसका एकमात्र उद्देश्य केस की सुनवाई में जानबूझकर देरी करना है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई न्याय प्रक्रिया में रुकावट डालने जैसा है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अन्य वकीलों ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए पुलिस को और समय चाहिए था, लेकिन जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने और अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। कोर्ट अब 31 अक्टूबर को इस हलफनामे पर सुनवाई करेगा।

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2020 से अब तक की केस टाइमलाइन

दिल्ली दंगा(Delhi Riots) केस की कानूनी लड़ाई फरवरी 2020 में हिंसा भड़कने के बाद शुरू हुई। अगस्त 2020 में शरजील इमाम और सितंबर 2020 में उमर खालिद को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया। 2022 में निचली अदालतों द्वारा जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद आरोपियों ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। 2 सितंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम सहित 9 आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। हाल ही में 13 अक्टूबर 2025 को शरजील इमाम ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी।

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में दिल्ली दंगों की साजिश को लेकर क्या बड़ा आरोप लगाया है?

पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर 177 पन्नों के हलफनामे में आरोप लगाया है कि फरवरी 2020 के दिल्ली दंगे ‘देश में सत्ता परिवर्तन की एक योजनाबद्ध साजिश’ थे, जिसमें CAA विरोध प्रदर्शनों को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया था और इसका उद्देश्य देशभर में हिंसा फैलाना था।

दिल्ली दंगा केस के दो मुख्य आरोपी कौन हैं और उन पर कौन सा प्रमुख कानून लगाया गया है?

दंगा(Delhi Riots) केस के दो मुख्य आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम हैं। उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और आईपीसी (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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