हैदराबाद । मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (A. Revanth Reddy) ने सभी जिलों के कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों को चक्रवात प्रभावित जिलों में युद्धस्तर (War Footing) पर राहत कार्य करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने आदेश दिया कि कहीं भी जान-माल का नुकसान न हो और पशुधन को नुकसान न पहुँचे, इसके लिए उचित कदम उठाए जाएँ। उन्होंने आदेश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, बाढ़ग्रस्त गाँवों और कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए और जहाँ भी आवश्यक हो, पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएँ और उचित सहायता प्रदान की जाए।
चक्रवात प्रभावित जिलों के कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने चक्रवात प्रभावित जिलों के कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क, मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, उत्तम कुमार रेड्डी, पोन्नम प्रभाकर, कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, कोंडा सुरेखा, वक्ति श्रीहरि, मुख्यमंत्री के सलाहकार वेम नरेंद्र रेड्डी, सरकार के मुख्य सचिव रामकृष्ण राव, डीजीपी शिवधर रेड्डी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव शेषाद्रि, विशेष सचिव अजित रेड्डी, ओएसडी वेमुला श्रीनिवासुलु मौजूद थे। इस बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव अरविंद कुमार, हैदराबाद जल बोर्ड के प्रबंध निदेशक अशोक रेड्डी के साथ-साथ चक्रवात प्रभावित जिलों के कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
चक्रवात से धान और कपास की फसलों को नुकसान
मंत्रियों और कलेक्टरों ने मुख्यमंत्री को बताया कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य रूप से धान और कपास की फसलों को नुकसान हुआ है। वारंगल और नलगोंडा जिलों के साथ-साथ हुस्नाबाद निर्वाचन क्षेत्र में बाढ़ से अधिक नुकसान होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जगहों पर धान की कटाई शुरू हो गई है और अगर कोई अप्रत्याशित समस्या आती है तो किसान संकट में पड़ जाएँगे। सरकार ने इस बार राज्य में 80 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि नागरिक आपूर्ति विभाग को इसके अनुसार सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कई जगहों पर धान भीग गया है और किसान आईकेपी केंद्रों में धान के बह जाने से चिंतित हैं। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि वे अन्न भंडारों और आईकेपी केंद्रों में रखे धान को तुरंत नजदीकी गोदामों और मिलों तक पहुँचाने की व्यवस्था करें।
चक्रवात क्या है?
Cyclone एक तीव्र वायुमंडलीय तूफ़ान होता है, जो गर्म समुद्री जल के ऊपर बनता है। इसमें तेज़ हवाएँ, भारी वर्षा, और समुद्री लहरें (storm surge) शामिल होती हैं। चक्रवात का केंद्र “आँख (Eye)” कहलाता है, जहाँ हवा अपेक्षाकृत शांत होती है।
भारत में कौन सा चक्रवात आता है?
जब समुद्र की सतह से जल वाष्प बनकर ऊपर उठता है और ठंडा होकर ऊर्जा (latent heat) छोड़ता है, तो यह ऊर्जा आसपास की हवा को और गर्म कर देती है। इस प्रक्रिया से हवा ऊपर उठती रहती है और समुद्र की सतह से तेज़ हवा केंद्र की ओर खिंचती है। यही घूमता हुआ वायुपुंज चक्रवात कहलाता है।
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