मुंबई । प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार तड़के उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड (Reliance Power Limited) से जुड़े कारोबारियों और सहयोगियों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत की जा रही है।
कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईडी की करीब 15 विशेष टीमों ने मुंबई में अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि शहर में लगभग 10 से 12 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है। इनमें रिलायंस पावर से जुड़े कुछ व्यवसायियों के पंजीकृत कार्यालय, कॉरपोरेट दफ्तर और आवासीय परिसरों को भी शामिल किया गया है।
संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी रिलायंस पावर से जुड़े संदिग्ध फंड ट्रांसफर (Fund Transfer) वित्तीय लेनदेन और निवेश से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। ईडी को शक है कि कंपनी से जुड़े कुछ लेनदेन में नियमों का उल्लंघन किया गया है और धन को अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर किया गया।
दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूतों की जांच की जा रही है। अधिकारियों की टीमें कंप्यूटर, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की पूरी जानकारी सामने आ सके।
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पहले भी विवादों में रह चुका है समूह
हालांकि इस कार्रवाई को लेकर ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही वित्तीय जांच का हिस्सा है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं। गौरतलब है कि उद्योगपति अनिल अंबानी के समूह की कई कंपनियां पहले भी वित्तीय मामलों और कर्ज से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रही हैं। ऐसे में ईडी की इस कार्रवाई को कारोबारी जगत में बड़े घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
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