Jharkhand- हाथियों का कहर, हजारीबाग में एक ही परिवार के चार समेत 6 की मौत

Read Time:  1 min
हाथियों
हाथियों
FONT SIZE
GET APP

हजारीबाग । झारखंड के हजारीबाग जिले (Hazaribagh District) में हाथियों के आतंक ने एक बार फिर मानव–वन्यजीव संघर्ष की भयावह तस्वीर सामने रख दी है। गुरुवार देर रात चुरचू प्रखंड (Churchu Block) के गोंदवार गांव में हाथियों के झुंड ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा गांव दहशत में डूब गया। इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

रात के सन्नाटे में हाथियों का हमला

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, रात करीब एक से दो बजे के बीच पांच हाथियों का झुंड अचानक गांव में घुस आया। अधिकतर लोग गहरी नींद में थे, तभी हाथियों ने कच्चे मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। घरों से बाहर निकलकर जान बचाने की कोशिश कर रहे लोगों को हाथियों ने कुचल दिया। अचानक हुए इस हमले से ग्रामीणों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

एक ही परिवार उजड़ा, मासूमों की भी गई जान

इस हमले में सूरज भूइया (55), उनकी पुतोहु सुमन देवी (25) और उनके दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा मंगरा भुईयां (58) और धनेश्वर राम (करीब 55) की भी जान चली गई। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में हर ओर चीख-पुकार और मातम पसरा हुआ है।

ग्रामीणों की कोशिशें नाकाम

हाथियों को भगाने के लिए ग्रामीणों ने शोर मचाया, मशालें जलाईं और पटाखे फोड़े, लेकिन झुंड काफी देर तक गांव और आसपास के इलाकों में डटा रहा। डर के मारे लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाए।

वन विभाग और प्रशासन हरकत में

घटना की सूचना मिलते ही दारू और चरही वन विभाग (Charhi Forest Department) की टीमें रात में ही मौके पर पहुंचीं। यह इलाका दारू वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वन विभाग के फॉरेस्टर मुकेश कुमार ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और मृतकों के परिजनों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अन्य पढ़े: दलाई लामा के खिलाफ चीनी प्रोपेगेंडा बेनकाब

लगातार बढ़ रहा हाथियों का खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि करगी जंगल और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ रही है। झुंड इन दिनों काफी उग्र नजर आ रहा है। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान, हाथियों की निगरानी बढ़ाने और प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक ग्रामीण हाथियों के आतंक के साये में जीने को मजबूर रहेंगे।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।