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Latest News-UP : 3 दिन से भूखे परिवार, 14 साल तक BDA चुप क्यों रही?

Author Icon By Surekha Bhosle
Updated: December 3, 2025 • 1:17 PM
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बरेली में सूफी टोला स्थित बरात घर ऐवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हाल को ध्वस्त करने का आदेश 12 अक्तूबर 2011 को जारी हुआ। आदेश के 14 साल एक माह 12 दिन बाद 24 नवंबर 2025 को बीडीए सचिव वंदिता श्रीवास्तव ने सरफराज वली खां और राशिद खां व उसके भाइयों नसीम खां व आसिफ खां को संबंधित भवन स्थलों को खाली करने का नोटिस जारी किया। 

इसके बाद मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। इतने लंबे अरसे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह बीडीए BDA बीडीए (BDA) की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल है। सपा नेता सरफराज वली खां की गिनती पूर्व मंत्री आजम खां के करीबियों में होती है। आजम खां जब उत्तर प्रदेश हज समिति के अध्यक्ष थे तो सरफराज सदस्य थे। 

सपा सरकार में सरफराज का खासा दबदबा था। सरफराज के सियासी रसूख का जायजा इसी से लगाया जा सकता है कि बारादरी थाने में दर्ज बिजली चोरी और मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के दो मुकदमे तत्कालीन सपा सरकार ने वर्ष (2014) में वापस ले लिए थे। 

बरातघर पर चले बुलडोजर

ऐसे में समझा जा सकता है कि वर्ष 2011 में जारी ध्वस्तीकरण का आदेश अमल में क्यों नहीं लाया जा सका। सरफराज के चलते ही उनके पड़ोसी राशिद खां का अवैध निर्माण भी कार्रवाई की जद में आने से बचता रहा।

 फाइलों में ही दबा रहा अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश

वर्ष 2017 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और भाजपा की सरकार बनी तब भी सरफराज और राशिद के अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश फाइलों में ही दबा रहा। 26 सितंबर 2025 को शहर में बवाल हुआ। इसके बाद मौलाना तौकीर रजा खां व उसके करीबियों पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ ही उनके अवैध निर्माण कार्यों पर भी कार्रवाई शुरू हुई। 

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इसी क्रम में प्रदेश में सरकार बदलने के आठ साल नौ माह बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उधर, इस संबंध में बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने कहा कि सुनवाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय देने के बाद विधिसंगत तरीके से कार्रवाई की जा रही है। नियम-कानून की अनदेखी करने वाले कार्रवाई की जद में आते ही हैं।

बरेली में गरजा बीडीए का बुलडोजर

सूफी टोला में दिनभर रहा गहमा-गहमी का माहौल

मंगलवार सुबह नौ बजे सूफी टोला के मुख्य मार्ग पर स्थित सरफराज और राशिद खां के बरात घरों के पास बीडीए BDAके सिक्योरिटी गार्डों और अधिकारियों को देख वहां आसपास के लोग एकत्र हो गए थे। धीरे-धीरे काफी संख्या में लोगों के जुट जाने से आंतरिक गलियों में भी आवागमन बाधित हो गया। 

आधे घंटे निरीक्षण के बाद बीडीए BDA की टीम वापस लौटकर मुख्य चौराहे के समीप बने एक मैरिज हाॅल में आ गई थी। साथ में मौजूद बीडीए के संयुक्त सचिव पुलिस बल के लिए सीओ पंकज कुमार के पास उनके कार्यालय चले गए थे। इधर, बीडीए के सहायक अभियंता धर्मेंद्र सिंह चौहान समेत अन्य 10-12 कर्मी मैरिज हॉल परिसर में बैठ गए थे। यह लोग भी पुलिस बल आने के इंतजार में ऊब चुके थे।

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