नई दिल्ली। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली (Delhi) में अपराध की दुनिया का समीकरण तेजी से बदल रहा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की हालिया कार्रवाइयां और गिरफ्तारियां एक बड़े खतरे की ओर इशारा कर रही हैं। क्या तिहाड़ जेल उत्तर भारत के सबसे खूंखार गैंगस्टरों के बीच खूनी संघर्ष का नया केंद्र बनने वाली है?
उत्तर भारत में बदलता अपराध का समीकरण
वर्तमान में साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) भले ही अपराध जगत का एक बड़ा नाम हो, लेकिन वह अब इस मैदान में अकेला नहीं है। दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों के पांच शक्तिशाली गैंगस्टर लॉरेंस और उसके भाई अनमोल बिश्नोई के साम्राज्य को न केवल चुनौती दे रहे हैं, बल्कि उनके लिए सबसे बड़ा सुरक्षा जोखिम भी बन गए हैं।
बिश्नोई का सबसे बड़ा दुश्मन: बंबीहा गैंग
इस जरायम की दुनिया में बिश्नोई का सबसे बड़ा दुश्मन बंबीहा गैंग है। दविंदर बंबीहा की मौत के बाद आर्मेनिया से इस गैंग को चला रहा लकी पटियाल अब लॉरेंस के खिलाफ मास्टरमाइंड की भूमिका निभा रहा है। मूसेवाला हत्याकांड के बाद बदला लेने की कसम के साथ इस गैंग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शार्प शूटरों की फौज खड़ी कर ली है।
तिहाड़ से दबदबा बनाए नीरज बवाना
दिल्ली का सुल्तान कहे जाने वाले नीरज बवाना इस समय तिहाड़ जेल के भीतर से अपना वर्चस्व बनाए हुए है। उसकी ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिश्नोई गैंग भी उससे सीधा टकराव टालने की कोशिश करता है। बवाना और बंबीहा गैंग का गठबंधन लॉरेंस के लिए सबसे घातक साबित हो रहा है।
कौशल चौधरी की जेल के भीतर रची जा रही साजिश
इसी कड़ी में गुरुग्राम और फरीदाबाद का गैंगस्टर कौशल चौधरी भी शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, कौशल चौधरी ने जेल के भीतर से ही बिश्नोई की बी-कंपनी को खत्म करने की योजना तैयार कर ली है। वह विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के साथ मिलकर हमलों की साजिश रच रहा है।
विदेश से संचालित हो रहा अंडरवर्ल्ड नेटवर्क
सीमा पार से संचालित होने वाले खतरों में कनाडा (Canada) में बैठा अर्श डाला प्रमुख है, जो अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकी संसाधनों के जरिए बिश्नोई सिंडिकेट पर सीधा वार कर रहा है। वहीं अमेरिका से गैंग चला रहा 22 वर्षीय हिमांशु उर्फ भाऊ भी तेजी से उभरता खतरा बन चुका है।
तिहाड़ जेल बन सकती है गैंगवार का केंद्र
चिंता का सबसे बड़ा विषय यह है कि लॉरेंस का भाई अनमोल बिश्नोई अब तिहाड़ जेल में है, जहां उसके सभी प्रतिद्वंद्वी गैंग पहले से सक्रिय हैं। जेल के भीतर इन दुश्मन गुटों का जमावड़ा किसी बड़े खूनी संघर्ष का संकेत दे रहा है।
Read Also : उज्जैन महाकाल मंदिर अलर्ट, 31 दिसंबर को भस्म आरती ऑफलाइन बुकिंग स्थगित
25 देशों तक फैला नया अंडरवर्ल्ड सिंडिकेट
जांच एजेंसियों का मानना है कि ये गैंग आपस में गठबंधन कर डी-कंपनी से भी बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तैयार कर रहे हैं, जिसका प्रसार 25 से अधिक देशों में हो चुका है। यह उभरता अंडरवर्ल्ड सिंडिकेट आने वाले समय में भारत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
Read More :