Tamil Nadu politics : तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्या बल साबित करने को कहना राज्यपाल का संवैधानिक अधिकार है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
एक राष्ट्रीय समाचार संस्था को दिए गए साक्षात्कार में हरीश साल्वे ने कहा कि केवल सबसे बड़ी पार्टी बन जाना सरकार गठन का अधिकार नहीं देता। विधानसभा का विश्वास हासिल करने वाली स्थिर सरकार बनाने की क्षमता होना सबसे महत्वपूर्ण बात है और राज्यपाल को उसी आधार पर निर्णय लेना होता है।
हरीश साल्वे ने कहा कि यदि राज्यपाल समर्थन देने वाले विधायकों के हस्ताक्षर सहित स्पष्ट दस्तावेज मांगते हैं तो यह पूरी तरह उनके विवेकाधिकार के अंतर्गत आता है। केवल मौखिक समर्थन के आधार पर सरकार गठन का निमंत्रण देना आवश्यक नहीं है।
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हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि विधायकों को व्यक्तिगत रूप से राज्यपाल के सामने पेश होने के लिए कहा जाए (Tamil Nadu politics) तो वह उचित नहीं माना जा सकता। वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में अलग-अलग राय सामने आना स्वाभाविक है, लेकिन स्थिर सरकार का गठन सबसे अधिक जरूरी है।
तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। टीवीके ने 108 सीटें जीती हैं और कांग्रेस के समर्थन के बाद भी बहुमत से दूर है। इसी वजह से राज्यपाल की भूमिका पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
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