कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में एक नए सियासी मोड़ के संकेत मिल रहे हैं। बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले पूर्व विधायक हुमायूं कबीर (Former MLA Humayun Kabir) ने नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान किया है। तृणमूल कांग्रेस से निलंबन के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में राज्य की 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जरूरत पड़ने पर सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार उतारे जा सकते हैं।
2026 विधानसभा चुनाव पर पूरी नजर
कबीर ने कहा कि उनकी नई पार्टी बंगाल विधानसभा चुनाव (Bengal Assembly Election) 2026 को ध्यान में रखकर रणनीति तैयार कर रही है। शुरुआती चरण में 182 सीटों पर लड़ने की योजना है, जबकि हालात अनुकूल रहे तो सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
चुनाव चिन्ह और पार्टी नाम पर स्थिति साफ
कबीर ने बताया कि पार्टी का चुनाव चिन्ह टेबल, गुलाब या नारियल का पेड़ हो सकता है। उन्होंने कहा कि टेबल उनकी पहली पसंद है, लेकिन अंतिम निर्णय चुनाव आयोग करेगा। पार्टी के नाम को लेकर उन्होंने साफ किया कि उसमें कांग्रेस या तृणमूल जैसे शब्द शामिल नहीं होंगे।
विकास और जनता से जुड़ाव पर जोर
हुमायूं कबीर ने कहा कि पार्टी का नाम जो भी होगा, वह बंगाल की जनता से जुड़ा होगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी जनता का प्रतिनिधित्व करेगी और राजनीति में केवल विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देगी।
मुर्शिदाबाद पर विशेष रणनीति तैयार
कबीर ने अपनी राजनीतिक रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि मुर्शिदाबाद जिले की 30 विधानसभा सीटों पर उनका विशेष फोकस रहेगा। उन्होंने माकपा के साथ तीन सीटें, भारतीय सेक्युलर फ्रंट के साथ एक सीट और अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के साथ नौ सीटें साझा करने का प्रस्ताव देने की बात कही।
सहयोग नहीं मिला तो अकेले लड़ेंगे चुनाव
कबीर ने कहा कि यदि संभावित सहयोगी दल सीट बंटवारे पर सहमत नहीं होते हैं, तो उनकी पार्टी अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी और मुर्शिदाबाद की सभी 30 सीटों पर जीत दर्ज करने का दावा किया।
22 दिसंबर को होगा पार्टी का औपचारिक ऐलान
उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को नई पार्टी का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। इसी दिन 75 सदस्यीय राज्य समिति की भी घोषणा होगी, जिसमें मुर्शिदाबाद जिला अध्यक्षों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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बंगाल की राजनीति में नए समीकरण की आहट
हुमायूं कबीर ने दावा किया कि उनकी पार्टी 2026 में राज्य की अगली सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। उनका कहना है कि पार्टी विकास, एकता और सामाजिक न्याय के एजेंडे के साथ तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जिससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।
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