नई दिल्ली / पटना: नेपाल (Nepal) में बीते कई दिनों से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों की आग अब भारत–नेपाल सीमा तक पहुँच गई है। जोगबनी बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों ने बैरियर तक पहुँचकर पत्थरबाजी और आगजनी की कोशिश की। हालात बिगड़ने पर सीमा सुरक्षा बल (SSB) और पुलिस ने सतर्कता बढ़ाते हुए स्थिति को काबू में करने के प्रयास किए।
सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा
- बिहार के सात जिलों—पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया, सुपौल, पूर्वी चंपारण और किशनगंज—की सीमा पूरी तरह सील कर दी गई है।
- एसएसबी ने सीमा पर 3–4 लेयर सुरक्षा घेरे बना दिए हैं।
- केवल आपातकालीन सेवाओं, जैसे एम्बुलेंस, को ही आवाजाही की अनुमति है।
- सिलिगुड़ी के पानीटंकी चेकपोस्ट पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
स्थानीय प्रशासन का बयान
अररिया के पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार ने कहा कि सीमा पार गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जवान हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
नेपाल में बढ़ते प्रदर्शन
नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता और सरकार के सोशल मीडिया नियंत्रण संबंधी फैसले के खिलाफ बड़े पैमाने पर आंदोलन खड़ा हो गया है।
- प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू और अन्य हिस्सों में सरकारी इमारतों पर हमला किया।
- टायर जलाकर और पथराव करके कई जगहों पर कानून व्यवस्था को चुनौती दी गई।
- हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री प्रचंड के आवास के पास भी तोड़फोड़ की थी।
भारत पर असर
- सीमा व्यापार प्रभावित हुआ है। स्थानीय व्यापारियों को सामान लाने-ले जाने में दिक्कतें हो रही हैं।
- दिल्ली–काठमांडू–दिल्ली रूट पर चलने वाली एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
- सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले लोगों में भय और अनिश्चितता का माहौल है.
नेपाल में भड़की हिंसा अब भारत की सुरक्षा और सीमावर्ती इलाकों की शांति के लिए चुनौती बन गई है। हालाँकि सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए सख्ती बढ़ा दी है, लेकिन जब तक नेपाल में राजनीतिक हालात स्थिर नहीं होते, तब तक सीमा क्षेत्र में तनाव बना रहना तय है।
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