Latest Hindi News : India-भारत ने जारी किया नोटम, K-4 मिसाइल टेस्ट की तैयारी

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मिसाइल टेस्ट
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नई दिल्ली । भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी रणनीतिक हलचल पैदा कर दी है। नोटिस टू एयरमैन (नोटम) जारी किए जाने के बाद न सिर्फ पाकिस्तान (Pakistan) बल्कि चीन और अमेरिका (America) तक में भारत की अगली चाल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पड़ोसी देशों के मीडिया में इस बात को लेकर बहस चल रही है कि भारत किसी बड़े मिसाइल परीक्षण की तैयारी में है।

बंगाल की खाड़ी में विशाल नो-फ्लाई जोन घोषित

भारत द्वारा जारी किया गया यह नोटम डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम (Dr APJ Abdul Kalam) आइलैंड से बंगाल की खाड़ी के एक बड़े हिस्से को कवर करता है। यह डेंजर ज़ोन एडवाइजरी हवाई और समुद्री यातायात के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगाती है।नो-फ्लाई जोन करीब 2520 किलोमीटर तक फैला हुआ है और यह 17 से 20 दिसंबर के बीच लागू रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र पहले के मुकाबले काफी बड़ा है, जो किसी उन्नत और लंबी दूरी की मिसाइल के परीक्षण का संकेत देता है।

पहले भी जारी हो चुका है नोटम

इससे पहले 6 से 8 दिसंबर के बीच भी भारत ने बंगाल की खाड़ी में करीब 14,000 किलोमीटर के क्षेत्र में नो-फ्लाई जोन नोटिस जारी किया था। वह भी मिसाइल परीक्षण से जुड़ा हुआ था। हाल ही में भारतीय नौसेना ने युद्धपोत से ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया था, जिसकी सटीकता, गति और मारक क्षमता ने दुश्मनों की चिंता बढ़ा दी थी।

ब्रह्मोस टेस्ट से पहले ही बढ़ गया था दबाव

ब्रह्मोस मिसाइल 300 से 800 किलोमीटर तक दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है। इसके सफल परीक्षण के बाद से ही माना जा रहा था कि भारत अगला बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। अब नए नोटम ने इन अटकलों को और मजबूत कर दिया है।

K-4 सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल का संभावित परीक्षण

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार K-4 सबमरीन लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण हो सकता है। यह परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता करीब 3500 किलोमीटर तक बताई जाती है। यह खासतौर पर चीन की नौसेना के खिलाफ भारत की समुद्री ताकत को मजबूत करती है।

K-4 मिसाइल की ताकत और खासियत

K-4 मिसाइल ठोस ईंधन से चलती है और 20 से 30 मीटर की गहराई से पनडुब्बी से लॉन्च की जा सकती है। यह अग्नि मिसाइल सीरीज पर आधारित है।मिसाइल का वजन करीब 17 टन, लंबाई 12 मीटर है और यह MIRV तकनीक से लैस हो सकती है, यानी एक ही मिसाइल से कई लक्ष्यों को निशाना बनाया जा सकता है। यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और INS अरिहंत जैसी परमाणु पनडुब्बियों से दागी जा सकती है।

K-5 मिसाइल की ओर अगला कदम

बताया जा रहा है कि K-4 के सफल परीक्षण के बाद भारत अगले साल और भी ज्यादा मारक क्षमता वाली K-5 मिसाइल के परीक्षण की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इससे भारत की सामरिक शक्ति को समुद्र के नीचे से और मजबूती मिलने की संभावना है।

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Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

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