इंदौर की लसूड़िया पुलिस ने एक युवक से ऑनलाइन ठगी (Online fraud) मामले में साइबर सेल की जांच पूरी होने के बाद आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। युवक ने सिर्फ नेट बैंकिंग शुरू कराई थी और पांच दिन के अंतराल में उसके बैंक खाते से करीब एक लाख रुपए निकल गए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
इंदौर मामला अगस्त 2025 का है। स्कीम नंबर 114 निवासी योगेन्द्र जादौन (Yogendra Jadoun) ने 30 अगस्त को अपनी बैंक (बैंक ऑफ बड़ौदा) से नेट बैंकिंग शुरू कराई थी। वे कोई यूपीआई ऐप डाउनलोड करके ट्रांजेक्शन शुरू करते उसके पहले (30 अगस्त की रात) उनके खाते से पैसे निकल गए। जादौन ने 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। अभी शिकायत पर कार्रवाई होती, तब तक (1 से 3 सितंबर) उनके खाते से फिर कई किस्तों में राशि निकल गई।
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तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की होगी पहचान
जादौन ने साइबर सेल में इसकी शिकायत की। साइबर सेल ने मामला जांच में लिया और जांच कर बताया कि यूपीआई ऐप के माध्यम से राशि निकाली गई है। जादौन ने बताया कि उन्होंने तो ऐप डाउनलोड भी नहीं किया है। ऐसे में वे राशि कैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। आखिर साइबर सेल ने जांच पूरी कर मामला लसूड़िया पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि ट्रांजेक्शन डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है।
ऑनलाइन फ्रॉड में कौन सी धारा लगती है?धारा 66D – कंप्यूटर संसाधन का उपयोग करके धोखाधड़ी
यदि कोई व्यक्ति कंप्यूटर संसाधन या संचार उपकरण का उपयोग करके किसी को धोखा देता है, तो उसे 3 साल तक की कैद या/और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
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