खौलते चाशनी से भरे बर्तन में गिर गई मासूम बच्ची
गोरखपुर Gorakhpur में शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब 3 साल की एक मासूम बच्ची खौलती हुई चाशनी में गिर गई। हादसे में बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
शादी के लिए बन रही थीं मिठाइयां
घर में चल रही थीं जोर-शोर से तैयारियां- जानकारी के मुताबिक परिवार में शादी समारोह की तैयारी चल रही थी। घर में हलवाई मिठाइयां बना रहे थे और बड़े बर्तनों में चाशनी तैयार की जा रही थी। इसी दौरान खेलते-खेलते बच्ची अचानक संतुलन खो बैठी और खौलती चाशनी से भरे बर्तन में जा गिरी।
गोरखपुर में शादी ( Gorakhpur ) की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब एक तीन साल की बच्ची खौलते चाशनी में गिर गई, जिससे वह गंभीर रुप से झुलस गई. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मचा है।
गोरखपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. शादी की तैयारियों के बीच खेलते-खेलते एक तीन साल की मासूम बच्ची (little girl) खौलते चाशनी से भरे बर्तन में गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं. घटना जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र की है।
थाना क्षेत्र के दोनखर वार्ड नंबर-4 की निवासी सुरेंद्र यादव के घर 12 मई को शादी है. शादी के लिए घर में मिठाइयां बनाई जा रही थीं. पड़ोस में रहने वाले हलवाई राजेंद्र गुप्ता अपने सहयोगियों के साथ गुलाब जामुन और अन्य मिठाइयां तैयार कर रहे थे. इसी दौरान एक बड़े बर्तन में चीनी की चाशनी खौल रही थी।
हलवाई राजेंद्र गुप्ता की तीन वर्षीय नातिन अदिति
बताया जा रहा है कि हलवाई राजेंद्र गुप्ता की तीन वर्षीय नातिन अदिति वहीं आसपास खेल रही थी. खेलते-खेलते अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह सीधे खौलते चाशनी से भरे बर्तन में जा गिरी. जैसे ही बच्ची चाशनी में गिरी, उसकी चीख सुनकर वहां मौजूद लोग दौड़े. हलवाई और अन्य लोगों ने तुरंत बच्ची को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसका पूरा शरीर गंभीर रूप से झुलस चुका था. बच्ची के शरीर पर बड़े-बड़े छाले पड़ गए थे. उसे बचाने के दौरान कई लोगों के हाथ भी झुलस गए।
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इलाज के दौरान हो गई मासूम की मौत
परिजन आनन-फानन में बच्ची को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसगांव लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची करीब 60 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी. मेडिकल कॉलेज में करीब चार घंटे तक इलाज चला, लेकिन बीते शाम करीब सात बजे मासूम ने दम तोड़ दिया।
मृतक अदिति अपने माता-पिता की बड़ी संतान थी. उसके पिता अभिषेक के दो बच्चे हैं, जिनमें अदिति बड़ी थी, जबकि उसका छोटा भाई महज एक साल का है. मासूम की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
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