कमल हासन ने अपनी फिल्म ‘ठग लाइफ’ के प्रमोशन के दौरान कहा कि तमिल भाषा से कन्नड़ भाषा का जन्म हुआ है जिसके बाद जमकर बवाल मचा हुआ है. मामले के तूल पकड़ते ही एक्टर से माफी की मांग हुई, लेकिन उन्होंने माफी मांगने से साफ इनकार दर दिया जिसके बाद कर्नाटक मंत्री शिवराज तंगड़गी का उनपर गुस्सा फूट पड़ा. मंत्री ने एक्टर की फिल्म को कर्नाटक में बैन करने का फैसला सुना डाला।
नई दिल्ली. कन्नड़ भाषा पर कमल हासन की विवादित टिप्पणी पर मामला गर्म होते जा रहा है. एक्टर ने अपने विवादित बयान में कहा कि तमिल भाषा ने कन्नड़ को जन्म दिया है जिसके बाद कर्नाटक के लोगों का एक्टर पर गुस्सा फूट पड़ा. मामले के बढ़ते ही कमल हासन से उनके बयान पर माफी की मांग होने लगी, लेकिन उन्होंने माफी मांगने से साफ इनकार करते हुए कहा कि वो माफी तब मांगते जब उन्हें लगता कि उन्होंने कुछ गलत कहा है. लेकिन उन्हें नहीं लगता है कि जो भी कहा उसमें कुछ भी गलत था।
कमल हासन के माफी मांगने से इनकार के बाद इस विवादास्पद बयान पर कर्नाटक के कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज तंगड़गी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर कमल हासन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो उनकी फिल्मों को कर्नाटक में बैन कर दिया जाएगा. कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज तंगड़गी के मुताबिक, यह फैसला कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (KFCC) द्वारा लिया गया है।
कमल हासन की फिल्म पर बैन का फैसला
उन्होंने बताया कि फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर और थिएटर मालिकों ने भी इस फैसले से सहमति जताई है कि जब तक हासन माफी नहीं मांगते, तब तक उनकी फिल्में राज्य में रिलीज नहीं होंगी. मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा, ‘कन्नड़ भाषा, कन्नड़िगा और कर्नाटक के सम्मान के खिलाफ कोई भी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’
रिलीज के लिए रखी गई माफी की मांग
KFCC अध्यक्ष एम. नरसिम्हालु ने भी इस निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा कि फिल्म ‘थग लाइफ’ को तब तक रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कमल हासन 30 मई तक माफी नहीं मांगते. उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध कानूनी नहीं बल्कि खुद लोगों का फैसला है, जो कन्नड़ भाषा और संस्कृति की भावना में लिया गया है।
कमल हासन ने माफी मांगने से किया साफ इनकार
कमल हासन ने दूसरी ओर दोहराया कि वह तभी माफी मांगेंगे जब उन्हें लगेगा कि उन्होंने कुछ गलत कहा है. उन्होंने कहा, ‘अगर मैं गलत हूं, तो माफी मांगूंगा, अगर नहीं हूं, तो नहीं. कृपया मेरे जीवन के तरीके में हस्तक्षेप न करें.’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वो कानून और न्याय में विश्वास रखते हैं और कर्नाटक के प्रति उनका स्नेह सच्चा है।
इस बीच, कन्नड़ संगठनों और कई राजनीतिक नेताओं ने हासन की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है. कर्नाटक रक्षणा वेदिके जैसे संगठनों ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है और बेंगलुरु पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है. हालांकि, अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।