KVIC: केवीआईसी ने देशभर में लाभार्थियों को 300 करोड़ रुपये वितरित किए

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केवीआईसी
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हैदराबाद। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने प्रधानमंत्री (रोजगार) सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत देशभर में 11,480 सेवा क्षेत्र के लाभार्थियों को 300 करोड़ रुपये की (मार्जिन मनी) सब्सिडी वितरित की। यह वितरण 906 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति के एवज में किया गया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित राजघाट कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां से केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने अपनी टीम के साथ वर्चुअल माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में यह सब्सिडी जारी की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ के विजन को मान्यता :मनोज कुमार

इस अवसर पर केवीआईसी की सीईओ रूप राशि सहित केंद्रीय कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर चेयरमैन मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ के विजन को मान्यता मिल रही है और पीएमईजीपी योजना इसका मजबूत स्तंभ बन गई है। उन्होंने दोहराया कि यह योजना केवल वित्तीय सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक आंदोलन भी बन गया है, जो कई लाख युवाओं, महिलाओं और कारीगरों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ रहा है। गांव-गांव में रोजगार और स्वावलंबन पैदा करने में इस योजना की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

कार्यक्रम में देश के सभी छह जोन ने सक्रिय रूप से भाग लिया

इस वितरण कार्यक्रम में देश के सभी छह जोन ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सेंट्रल जोन के तहत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में कुल 2403 परियोजनाओं के लिए 72 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की गई, जिसके लिए कुल 218 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। ईस्ट जोन में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 996 परियोजनाओं को 22 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की गई, जबकि ऋण स्वीकृति लगभग 71 करोड़ रुपये रही। उत्तर भारत के राज्यों – पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ – को कुल 2713 परियोजनाओं को 61 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई और इन परियोजनाओं के लिए 184 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया।

पूर्वोत्तर क्षेत्र की 81 परियोजनाओं को 2 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली

पूर्वोत्तर क्षेत्र की 81 परियोजनाओं को 2 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली, जिसमें Assam, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland, Sikkim और त्रिपुरा जैसे राज्य शामिल थे। दक्षिणी राज्यों तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में 4565 परियोजनाओं को कवर करते हुए 116 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की गई, जबकि इन परियोजनाओं के लिए 343 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किए गए। पश्चिमी क्षेत्र, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा राज्यों में, कुल 722 परियोजनाओं के लिए 82 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति के मुकाबले 26 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी वितरित की गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) अपनी स्थापना से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 तक ग्रामीण और शहरी भारत में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का एक स्तंभ बन गया है।

योजना के तहत अब तक कुल 10,18,185 सूक्ष्म उद्यम स्थापित

इस योजना के तहत अब तक कुल 10,18,185 सूक्ष्म उद्यम स्थापित किए गए हैं, जिनके लिए भारत सरकार द्वारा 73,348 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इसके सापेक्ष लाभार्थियों को 27,166 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई है। अब तक देश भर में 90,04,541 से अधिक लोगों को इस योजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जो इसे देश की सबसे प्रभावी स्वरोजगार योजनाओं में से एक बनाता है। यह कार्यक्रम न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा देता है, बल्कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी धरातल पर पहचान दिलाता है।

Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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