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Bihar : राहुल-तेजस्वी की यात्रा में शामिल नहीं हुई ममता, अब भेज रहीं दो नेता

Anuj Kumar
Anuj Kumar
Bihar : राहुल-तेजस्वी की यात्रा में शामिल नहीं हुई ममता, अब भेज रहीं दो नेता

पटना। बिहार में वोटर लिस्‍ट (Voter List) को संशोधित करने के लिए चुनाव आयोग ने एसआईआर (SIR) अभियान चलाया। विपक्षी दलों का आरोप है कि इसके जरिए कई वैलिड वोटर्स के नाम हटाने का काम किया गया। चुनाव आयोग ने इस पर सख्‍त आ‍पत्ति जताते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है ये सब घटनाक्रम ऐसे वक्‍त में हुआ, जब बिहार में विधानसभा चुनाव होना है।

विपक्ष का आरोप—‘वोट चोरी’ की साजिश

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) आरजेडी नेता तेजस्‍वी यादव समेत विपक्ष के तमाम नेता ‘वोट चोरी’ जैसा गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इन सबके बीच, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इंडिया ब्‍लॉक को एकजुट करने की कवायद के तहत राहुल और तेजस्‍वी की अगुआई में बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाली जा रही है।

विपक्षी नेताओं की मौजूदगी, ममता की दूरी

इस यात्रा में तमिलनाडु के सीएम एमके स्‍टालिन और तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं ने शिरकत की। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी इस यात्रा का हिस्‍सा बने लेकिन विपक्षी गुट की धाकड़ नेता और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी इस यात्रा से दूरी बनाए हुए हैं।

ममता की ओर से प्रतिनिधित्व करेंगे दो नेता

बता दें ममता बनर्जी विपक्ष की ताकतवर नेता हैं, ऐसे में वोटर अधिकार यात्रा में उनका शिरकत न करना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, अब यह खबर सामने आई है कि सीएम ममता ने इस यात्रा में टीएमसी का प्रतिनिधित्‍व करने के लिए दो नेताओं को नामित किया है। इनमें यूसुफ पठान और ललितेश त्रिपाठी हैं। यूसुफ पठान बहरामपुर सीट से सांसद हैं, वहीं ललितेश त्रिपाठी टीएमसी की नेशनल वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं। अब ये दोनों नेता वोटर अधिकार यात्रा में ममता बनर्जी की पार्टी का प्रतिनिधित्‍व करेंगे।

बंगाल में भी मतदाता सूची पर विवाद

दिलचस्‍प बात यह है कि पश्चिम बंगाल में भी वोटर लिस्‍ट को अपडेट करने की कोशिश की जा रही है। पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की सीएम ममता ने कोलकाता की रैली में बीजेपी, चुनाव आयोग और वामपंथी दलों पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों को धमका रहा है, जबकि उसका अधिकार क्षेत्र केवल चुनाव के दौरान तीन महीने का है। ममता बनर्जी ने बंगाल की जनता से आह्वान किया कि अगर कोई सर्वे करने आए तो कोई जानकारी न दें। अपना आधार कार्ड तैयार रखें। दरअसल, पश्चिम बंगाल में भी अगले साल 2026 में विधानसभा चुनाव होना हैं।

टीएमसी बनाम बीजेपी की सीधी टक्कर

प्रदेश में टीएमसी का बीजेपी से सीधा मुकाबला है। बंगाल की सीएम भी चुनाव आयोग पर लगातार आरोप लगाती रही हैं।

यात्रा का अंतिम चरण, विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन

बिहार में राहुल गांधी और तेजस्‍वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा में इंडिया ब्‍लॉक के एक और दिग्‍गज नेता ने हिस्‍सा लिया। अब अखिलेश यादव की भी इस यात्रा में एंट्री हो चुकी है। चुनाव आयोग की ओर से कथित तौर पर 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के विरोध में शुरू हुई वोटर अधिकार यात्रा अब अंतिम चरण में है। बता दें राहुल गांधी और तेजस्‍वी यादव की अगुआई में निकाली जा रही इस यात्रा को विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है और इसे लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। यात्रा का भव्य स्वागत हो रहा है


ममता बनर्जी का बैकग्राउंड क्या है?

बनर्जी का जन्म कलकत्ता (अब कोलकाता), पश्चिम बंगाल में एक बंगाली हिंदू ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता प्रोमिलेश्वर बनर्जी और गायत्री देवी थे। बनर्जी के पिता प्रोमिलेश्वर की मृत्यु, जब वह 17 वर्ष की थीं, चिकित्सा उपचार के अभाव में हो गई थी।

बंगाल का पहला मुख्यमंत्री कौन था?

बिधान चंद्र रॉय 1950 में भारतीय संविधान के लागू होने के बाद पश्चिम बंगाल के पहले औपचारिक मुख्यमंत्री बने। इसके बाद राजनीतिक अस्थिरता का दौर चला- पश्चिम बंगाल ने 1967 और 1972 के बीच तीन चुनाव, चार गठबंधन सरकारें और राष्ट्रपति शासन के तीन दौर देखे- इससे पहले कि INC के सिद्धार्थ शंकर रे ने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया।

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